नवरात्रि में पड़ने वाली विनायक चतुर्थी है खास, जान लें तारीख और मुहूर्त

हिंदू धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं जो श्री गणेश की साधना को समर्पित होते हैं लेकिन अश्विन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली विनायक चतुर्थी बेहद ही खास मानी जाती है। जो कि भगवान श्री गणेश की साधना आराधना को समर्पित होती है

इस पावन तिथि पर भक्त गौरी पुत्र की विधि विधान से पूजा करते हैं और व्रत आदि भी रखते हैं इस तिथि का महत्व इसलिए भी अधिक होता है क्योंकि ये शारदीय नवरात्रि में पड़ती है नवरात्रि के दिनों में गणेश पूजा करने से अपार कृपा प्राप्त होती है ऐसे में आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा विनायक चतुर्थी की तिथि और मुहूर्त की जानकारी आपसे साझा कर रहे हैं तो आइए जानते हैं।
अश्विन मास की विनायक चतुर्थी की तिथि—
पंचांग के अनुसार अश्विन मास की विनायक चतुर्थी इस बार 18 अक्टूबर दिन बुधवार को पड़ रही है इस दिन तुला संक्रांति भी मनाई जाएगी। इसके साथ ही नवरात्रि में बुधवार के दिन विनायक चतुर्थी का शुभ संयोग व्रती को विशेष फल प्रदान करेगा। मान्यता है कि इस शुभ योग में श्री गणेश की आराधना करने से भक्तों को बाणी, बुद्धि में वृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
अश्विन मास की विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त—
धार्मिक पंचांग के अनुसार 17 अक्टूबर को प्रात: 1 बजकर 26 मिनट से अगले दिन यानी 19 अक्टूबर को प्रात: 1 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। वही उदयातिथि के अनुसार श्री गणेश की साधना के लिए 18 अक्टूबर का पूरा दिन शुभ रहेगा।
मान्यता है कि इस शुभ दिन पर अगर शिव गौरी के पुत्र गणेश की विधि विधान से पूजा की जाए और दिनभर का उपवास रखा जाए तो जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं।