देशभर में 42 टन बिका सोना, 30 हजार करोड़ का हुआ कारोबार

धनतेरस के दिन शुक्रवार को सीरियल के सराफा नाव में जोरदार उत्साह देखने को मिला। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (एनओएमए) के सीईओ सुरता सुरता ने बताया कि धनतेरस पर 42 टन सोने की बिक्री हुई। इसमें पुरातनपंथी की सबसे बड़ी भूमिका रही है। पिछले साल धनतेरस पर 39 टन सोना बिका था।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक, यूनेस्को के सराफा उद्योग में सोना-आरिया का करीब 30,000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। 27,000 करोड़ रुपये के सोने के गहने और इससे बनी अन्य मूर्तियां की बिक्री हुई। चांदी का कारोबार भी करीब 3,000 करोड़ रुपए का हुआ। पिछले साल धनतेरस पर सर्राफा बाजार में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था।
विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) के भारत के क्षेत्रीय सीईओ सोमसुंदरम पीआर ने कहा, सोने की कीमतें पिछले धनतेरस के अलावा और भी हैं। हालाँकि, सुपरमार्केट में खरीदारी को लेकर सकारात्मक भूमिकाएँ। इस बार सोने की तस्वीरें और चुटकी की भारी मांग देखने को मिली।
57 हज़ार साझीदार की हुई फ़्रांसीसी
मारुति सुजुकी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी शशांक ग्रैविथ ने बताया कि धनतेरस में इस बार पूरे उद्योग के स्तर पर 55,000 से 57,000 तक के उद्यम स्थापित हो चुके हैं। यह चित्र पिछले धनतेरस की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। पिछली बार करीब 45,000 स्मारक की मूर्तियां हुई थीं।