मुज़फ़्फ़रपुर धीवत माहोत की रोकेंगे सभी नदी स्टेशन

बिहार राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सभी नदी थानों को खासतौर से सख्त बनाया जा रहा है. बिहार में नदी के पास वाले इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी सबसे ज्यादा होती है. इसमें गंगा और सोन से सटे इलाके मसलन बक्सर, आरा, फतुहा, बख्तियापुर समेत अन्य शामिल हैं. यह जानकारी ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान ने ईओयू सभागार में प्रेसवार्ता में दी.

उन्होंने कहा कि बेनामी खाते से या क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से पैसे का लेन-देन और तस्करी में डार्क नेट का उपयोग जैसे हथकंडे तस्कर आजमाने लगे हैं. इन पर नकेल कसने के लिए साइबर नेटवर्क पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है. इन दिनों रासायनिक ड्रग्स की खपत या चलन भी तेजी से बढ़ी है.
एडीजी ने बताया कि तस्करी के मामले में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में ये कम हुए हैं.
2020-21 में 16 मामले दर्ज हुए थे, 2021-22 में 40 और 2022-23 में 33 मामले दर्ज हुए. पिछले वर्ष 29 तस्करों की गिरफ्तारी हुई थी. इस वर्ष अब तक 3 गिरफ्तार हुए और 121 किलो गांजा और अफीम की बरामदगी हुई है. इस मौके पर एसपी सुशील भी मौजूद थे.
बाजरा की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा
चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में बिहार फूड प्रोसेसिंग एवं एग्रीटेक स्टार्टअप कॉन्क्लेव और इंडस्ट्री मीट का समापन हुआ. बिहार विद्यापीठ फाउंडेशन के अध्यक्ष विजय प्रकाश ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और बाजरा की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है. कार्यक्रम खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से हुआ.