एक वर्ष से लंबित मामलों की जांच न करने पर 32 अफसर निलंबित

हिसार: प्रदेशभर में एक वर्ष से ज्यादा लंबित मामलों का निपटारा नहीं करने वाले विभिन्न जिलों के 372 जांच अधिकारियों को गृह मंत्री अनिल विज ने निलंबित कर दिया है इसमें फरीदाबाद जिले के 32 और गुरुग्राम जिले के 60 पुलिस अधिकारी भी शामिल है गृहमंत्री ने को यह आदेश जारी किया

गृहमंत्री ने को जिन जांच अधिकारियों को निलंबित किया है, उन्हें गुरुग्राम , फरीदाबाद जिले के अलावा पंचकूला जिले के दस जांच अधिकारी,अंबाला के 30, यमुनानगर जिले के 57, करनाल जिले् के 31, पानीपत जिले के तीन, हिसार जिले के 14, सिरसा जिले के 66, जींद जिले के , रेवाड़ी जिले के पांच, रोहतक जिले के 31 और सोनीपत जिले के नौ जांच अधिकारियों पर कार्रवाई की गई
निलबिंत जांच अधिकारियों की भेजी जाएगी सूची गृह मंत्री के आदेश के बाद जांच अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है इसी सप्ताह में पुलिस आयुक्त और पुलिस कप्तान को लापरवाह जांच अधिकारियों की सूची भेजने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी वहीं, लंबित पड़े मामलों की जांच डीएसपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों को सौंप कर एक महीने में निस्तारण करवाया जाएगा अगर मामलों का निस्तारण करने में डीएसपी या एसीपी की लापरवाही मिलती हैं,तो उन पर भी कार्रवाई होगी गुरुग्राम में सिविल,धोखाधड़ी सहित अन्य मामले एक साल से ज्यादा समय तक लंबित है इस कारण पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता उनकी परेशानियां कम होने के बजाए बढ़ जाती है
प्रदेश में तीन हजार से ज्यादा मामले लंबित
गृहमंत्री ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से 11 मई को एक साल से लंबित मामलों की सूची मांगी गई थी जिस पर सामने आया था कि तीन हजार से ज्यादा मामले एक साल से ज्यादा समय से लंबित पड़े हुए है सभी जांच अधिकारियों से लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट मांगन के साथ-साथ देरी होने का कारण भी पूछा गया था जिसके बाद प्रदेश के 372 और गुरुग्राम के 60 लापरवाह जांच अधिकारियों के नाम सामने आए थे सभी जांच अधिकारियों से मामले लंबित होने पर जवाब भी मांगा गया था,जिसमें जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई की गई अब इससे पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है
संतोषजनक कारण नहीं बताया
बता दें कि गृहमंत्री ने गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव को इस बाबत पत्र लिखा था साथ ही पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र में उन्होंने ने कहा है कि प्रदेश में 39 ऐसे मामले हैं, जिसकी जांच में एक वर्ष का वक्त लगा है उस एफआईआर का निपटारा नहीं किया गया है इस बाबत पिछले महीने सभी आईओ से जांच में देरी करने के कारणों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया गृहमंत्री ने एक महीने में एफआईर के अंतिम निपटान नहीं करने वाले डीएसपी को भी एक महीने में स्थानांतरित करने का निर्देश जारी किया है