स्वास्थ्य के क्षेत्र में दी राशि खर्च करे बिहार: पवार

बिहार | केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने दो दिवसीय बिहार दौरे के क्रम में एम्स पटना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में एम्स में क्या-क्या सुविधाएं दी जा रही हैं, उस पर विस्तार से चर्चा हुई.

बैठक के बाद डॉ. पवार ने कहा कि एम्स पटना में फैकल्टी की जो कमी है उसे जल्द दूर किया जाएगा. उन्होंने केंद्र प्रायोजित स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 1500 करोड़ उपलब्ध राशि को सही ढंग से और तय समय के अंदर खर्च करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बिहार को ईसीआरपी (आपातकालीन प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य प्रणाली तत्परता पैकेज) एक के तहत 0 करोड़, ईसीआरपी दो के तहत 1000 करोड़ उपलब्ध कराई गई है. 15वें वित्त आयोग द्वारा 21-22 के लिए बिहार के स्वास्थ्य विभाग को 1100 करोड़ की राशि दी गई जो अभी तक खर्च नहीं हो पाई है.
मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाई जा रही
डॉ. भारती प्रवीण पवार ने कहा कि वित्तीय वर्ष 21-22 के तहत 839 करोड़ रुपए बिहार को दिये गये हैं. यह पैसा भी खर्च नहीं हो सका है. ,केंद्रीय स्कीम के तहत आठ मेडिकल कालेज को बिहार में मंजूरी मिली है जिसमें पूर्णिया, सारण और समस्तीपुर शामिल हैं. इसके लिए 340 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है. मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटें बढ़ाई जा रही हैं. बिहार में 11 मेडिकल कॉलेजों को लगभग 148 करोड़ दिया गया है. बिहार को सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के लिए 600 करोड़ की राशि दी गई है जिसके तहत कार्य चल रहा है.
जबकि एम्स पटना के लिए प्रतिवर्ष 700 करोड़ का बजट दिया जा रहा है. स्वास्थ्य क्षेत्र में बिहार को लगभग 12 हजार करोड़ की सहायता भारत सरकार द्वारा दी गयी है. यह आम नागरिकों का पैसा है और इसे सही तरीके से खर्च करने की जरूरत है.
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