कठौता में पानी पांच फुट घटा, आपूर्ति पर आफत

लखनऊ: ट्रांस गोमती क्षेत्र के 10 लाख लोगों को आने वाले समय में पानी का संकट झेलना पड़ सकता है. तृतीय जलकल के जलाशय यानी कठौता में शारदा नहर से पानी की सप्लाई रुकी हुई है. इससे अब तक झील का जलस्तर पांच फुट तक कम हो चुका है.
लोगों को दिक्कत न हो इसके लिए जलकल के इंजीनियर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. सिंचाई विभाग ने पूर्व में ही बता दिया था कि 28 दिन के लिए शारदा नहर में पानी रोका जाएगा. सिंचाई विभाग ने आठ को पानी रोक दिया. इसके बाद भी नहर में बचा हुआ पानी 10 तारीख तक आता रहा, फिर रुक गया.

सिंचाई खंड लखनऊ के अधिशासी अभियंता ओपी मौर्या के अनुसार लखीमपुर खीरी, शारदा नगर स्थित बैराज से पानी रोका गया है. शारदा सहायक नहर वर्ष में दो बार सफाई-मरम्मत के लिए बंद की जाती है. खरीफ की फसल से पहले एक मई और जून में बंद होती है. दोबारा रबी फसल की शुरुआत से पहले -नवम्बर में बंद की जाती है.
गोमती नगर, इंदिरानगर में गहरा सकता है संकट
कठौता झील से इन्दिरा नगर, चिनहट, गोमती नगर और आसपास की 40 से अधिक निजी कॉलोनियों और मोहल्लों तक पानी की सप्लाई की जाती है. यदि और तेजी से कठौता का जलस्तर घटा तो इन इलाकों में पानी का संकट हो सकता है. वैसे जलकल के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था रखी गई है ताकि किसी को दिक्कत न हो. इसके लिए पम्पों को दुरुस्त किया जा रहा है.