पूजा स्थल पर बनाने जा रहे हैं रंगोली तो इन बातों को रखें ध्यान

नवरात्रि के त्यौहार में रंगोली का अपना अलग महत्व है। इसके पीछे कई धार्मिक मान्यताएं हैं। माना जाता है कि माता को प्रसन्न करने के लिए रंगोली की तरह-तरह की आकृति पूजा स्थल पर बनाई जाती है।

घर के बाहर और अंदर बनाई जाने वाली रंगोली माता के स्वागत के लिए होती है। आइए ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से जानते हैं, रंगोली बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
इन रंगों का चयन
नवरात्रि आप माता के कलश के आगे रंगोली बनाते हुए रंगों का चयन ध्यान से करना चाहिए। रंगोली के लिए चुने गए रंग जीवंत और चमकदार होने चाहिए। जैसे कि लाल रंग माता का प्रतीक माना जाता है, नारंगी, पीला, और हरा, जो समृद्धि, विकास, और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है। (इन चीजों से आसानी से बनाएं कलरफुल रंगोली)
अक्सर लोग रंगोली का डिजाइन बनाने के लिए किसी भी तरह के रंगों का प्रयोग कर लेते हैं, जैसे लोगों को काला और भूरा रंग भी रंगोली बनाने में इस्तेमाल करते देखा गया है। यह रंग पूजा सामग्री में शुभ नहीं माना जाता।
पारंपरिक रंगोली
आप पारंपरिक रंगोली का डिजाइन बना सकते हैं। एक समय था जब लोगों के पास रंग नहीं हुआ करते थे, तब लोग पत्तों और चावल की मदद से भी रंगोली बनाया करते थे। लेकिन अगर आपके पास रंग है, तो आप इनकी मदद से चावल और पान के पत्तों के साथ एक शुभ रंगोली बना सकते हैं।
इस तरह के रंगोली डिजाइन माता रानी के साथ-साथ घर के लिए भी शुभ होते हैं। (रंगोली बनाने का आसान तरीका)
रंगोली को बनाने की दिशा
वास्तु के अनुसार, रंगोली को बनाने की दिशा भी जरूरी होती है। इसलिए लोगों को रंगोली बनाते हुए ध्यान रखना चाहिए कि इसका मुंह उत्तर, पूर्व, या उत्तर-पूर्व की दिशा में हो। क्योंकि ये दिशा को धन, स्वास्थ्य, और समृद्धि आने के लिए माना जाता है।