नवरात्रि के सातवें दिन महासप्तमी , मां कालरात्रि की पूजा की जाती है

ज्योतिष न्यूज़ : देशभर में शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। नवरात्रि का यह त्योहार 15 अक्टूबर 2023 से शुरू हुआ और 24 अक्टूबर 2023 को समाप्त होगा. वहीं 21 अक्टूबर को नवरात्रि का सातवां दिन यानी महासप्तमी मनाई जाएगी. इस दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा करने की परंपरा है। मां कालरात्रि को शुभंकरी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इनकी विधि-विधान से पूजा करने से भय और रोग का नाश होता है तथा भूत-प्रेत, अकाल मृत्यु, रोग आदि सभी प्रकार की परेशानियां भी दूर हो जाती हैं। इसके अलावा इनकी पूजा करने से देवी मां भी भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। मां दुर्गा के सातवें स्वरूप की बात करें तो इनके शरीर का रंग काला, बाल बिखरे हुए, गले में माला है और इनका वाहन गधा है। तो आइए जानते हैं कैसे करें मां कालरात्रि की पूजा। मंत्र और प्रसाद के बारे में भी जानिए.

मां कालरात्रि की पूजा विधि
शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन सुबह उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद मां के सामने घी का दीपक जलाएं. फिर मां कालरात्रि को मिठाई, पंच मेवे, पांच प्रकार के फल, अक्षत, धूप, गंध, गुड़ और लाल रंग के फूल चढ़ाएं। मां कालरात्रि की पूजा में गुड़ का विशेष महत्व है। इस दिन गुड़ से बने पकवानों का भोग जरूर लगाएं। अंत में आरती करें और फिर माता के मंत्रों का जाप करें।
मां कालरात्रि का प्रसाद और पुष्प
मां कालरात्रि को लाल रंग की चीजें बहुत पसंद हैं। इसलिए इस दिन पूजा के दौरान देवी मां को लाल रंग के फूल चढ़ाएं। इसके साथ ही इस दिन देवी मां को गुड़ या गुड़ से बनी चीजों का भोग लगाएं। आप चाहें तो देवी मां को मालपुआ बनाकर भी अर्पित कर सकते हैं.
माँ कालरात्रि के मंत्र
मां कालरात्रि की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- ‘क्लीं ऐं श्रीं कालिकायै नमः ॐ फट शत्रुएन साघय घटय ॐ। ‘ॐ कालरात्रियै नमः’
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