रिटायर्ड IAS की हो सकती है गिरफ्तारी, फर्जीवाड़ा का मामला

विजिलेंस ने खुली जांच के बाद इन चारों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है….

यूपी। सेवानिवृत्त आईएएस और श्रीट्रान इंडिया लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक सुरेश चंद्र गुप्ता समेत चार तत्कालीन अफसरों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने खुली जांच के बाद इन चारों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
शासन की मंजूरी के बाद विजिलेंस ने अपने लखनऊ सेक्टर थाने में गत 17 अक्तूबर को श्रीट्रान इंडिया लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक एवं सेवानिवृत्त आईएएस सुरेश चंद्र गुप्ता के अलावा तत्कालीन प्रबंधक अनंग पाल पवार, सेवानिवृत्त तत्कालीन प्रबंधक वित्त एवं लेखा राकेश कुमार गुप्ता और तत्कालीन संयुक्त प्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन देवी सिंह राजपुरोहित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। यह मुकदमा इंस्पेक्टर वीरेन्द्र वर्मा ने दर्ज कराया। पहुंचाया अनुचित लाभ श्रीट्रान इंडिया के एमडी समेत तीन अफसरों ने आपराधिक साजिश करके निजी लाभ के लिए तत्कालीन प्रबंधक अनंगपाल पवार को अनुचित लाभ पहुंचाया। पवार श्रीट्रान से वीआरएस लेने के बाद भी फर्जीवाड़ा करके नौकरी करते रहे। विजिलेंस की जांच में पता चला कि पवार ने बिजनेस डेवलपमेंट इंजीनियर के पद पर रहते हुए अप्रैल 2010 में चिकित्सकीय अवकाश लिया था। अवकाश समाप्त होने के बाद भी उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने फर्रूखाबाद में तैनात सहायक आबकारी आयुक्त निरंकार नाथ पांडेय के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। उन पर सभी स्रोतों से अपनी घोषित आय से 21.74 लाख रुपये अधिक खर्च करने का आरोप है। यह मुकदमा विजिलेंस के अयोध्या सेक्टर थाने में दर्ज किया गया है। गोंडा में जिला आबकारी अधिकारी के पद पर तैनाती के दौरान वर्ष 2020 शासन ने निरंकार नाथ के खिलाफ विजिलेंस को खुली जांच के आदेश दिए थे। मूलत संतकबीरनगर जिले के महुली थान क्षेत्र स्थित खरवनिया गांव के रहने वाले निरंकार नाथ पांडेय का वर्तमान आवास लखनऊ में कानपुर रोड स्थित एलडीए कॉलोनी में है। जांच की तय अवधि में सभी ज्ञात स्रोतों से उनकी आय 94.28 लाख रुपये थी, जबकि इसी अवधि में उनके द्वारा भरण पोषण व अन्य चल-अचल संपत्तियों की खरीद में 1.16 करोड़ रुपये खर्च किए गए।