
उत्तराखंड। नैनीताल-भीमताल इलाके में 10 दिनों में तीन महिलाओं और कई मवेशियों को मारने वाले आदमखोर बाघ को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है. हुआ यूं कि 25 दिसंबर 2023 को सुबह वन विभाग की रेस्क्यू टीम को खबर मिली कि नौकुचियाताल से थोड़ा और ऊपर जंगलिया गांव में टाइगर देखा गया है, जिसने एक गाय मारी है.

इस टीम का नेतृत्व कॉर्बेट नेशनल पार्क के सीनियर वेटनरी डॉ. दुष्यंत शर्मा और डॉक्टर हिमांशु कर रहे थे. उन्होंने 10 लोगों की टीम बनाई और तुरंत रेस्क्यू के लिए निकल गए. इस काम में एक दिन भी लग सकता है और महीने भर से ज्यादा भी. टाइगर को पहाड़ी जंगलों में खोजना भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा होता है.
वन विभाग की टीम ने टाइगर द्वारा मारी हुई गाय को एक ऐसे स्थान पर रख दिया गया, जहां से रात में टाइगर पर निशाना लगा कर उसको ट्रेंकुलाइज किया जा सके, जब भी वो गाय को खाने आता है. अक्सर टाइगर अपने शिकार पर दोबारा आता ही है. टीम को रात 12 बजे टाइगर गाय के पास आया. तभी वन विभाग की टीम ने उसे ट्रैंकुलाइज करने के लिए डार्ट चलाया.
ट्रेंकुलाइज डार्ट लगने के बाद भी टाइगर जंगल में नीचे की तरफ कूदा. इसे खोजने में पूरी रात लग गई. इतनी सर्द रात में जंगल में टाइगर खोजना खतरनाक काम है. खतरा भी था, पूरी तरह से बेहोश न हुआ हो. खूंखार टाइगर उन पर हमला कर दे. आखिरकार टीम को मुख्य मार्ग से 3 km नीचे टाइगर बेहोश मिला. भारी भरकम टाइगर को खतरनाक रास्ते से सड़क तक लाने में वन विभाग की टीम को ढाई घंटे का समय लगा. सर्द रात में टीम के पसीने छूट गए.