युवक ने फांसी लगाकर कर ली ख़ुदकुशी, जांच में जुटी पुलिस

रतलाम। जिले के ग्राम बाजना में एक युवक ने खुदकुशी कर ली। स्वजन व अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि उसके साथ एक पुलिसकर्मी ने मारपीट की थी। वह थाने पर शिकायत करने भी गया था लेकिन उसकी शिकायत नहीं सुनी गई। तनाव में आकर उसे फांसी लगाकर जान दे दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे तथा पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग करने लगे।उन्हें बताया गया कि पुलिसकर्मी के निलंबत कर दिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। वहीं ग्रामीण थाना परिसर में धरना देकर पुलिसकर्मियों पर एफआइआर व उन्हें बर्खास्त करने की मांग कर रहे है।

जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय गणेश मईड़ा पुत्र छगन मईड़ा निवासी रतलाम रोड बाजना ने शनिवार दोपहर अपने घर में रस्सी से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिवार के किसी सदस्य ने उसे फांसी पर लटका देखा तो उसे फंदे से नीचे उतारा।
इसके बाद उसे बाजना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित किया। कुछ ही देर में खबर फैली तो लोग अस्पताल में एकत्र हुए। इसके बाद स्वजन व लोग बाजना थाने पर पहुंचे तथा पुलिस को बताया कि 24 जनवरी की रात बाजना से करीब आधा किलोमीटर स्थित एक ढाबे पर गणेश गया था।
वहां पुलिस वाहन से आरक्षक शफीउल्लाह व अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे थे तथा गणेश के साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद गणेश शिकायत करने थाने गया था लेकिन किसी ने उसकी शिकायत नहीं सुनी। इसके कारण तनाव में आकर गणेश ने अपनी जान दे दी। जो भी पुलिसकर्मी दोषी है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सैलाना एसडीओपी ईडला मौर्य भी थाने पहुंचे। उधर, जिला पंचायत सदस्य शरद डोडियार व ग्रामीण थाने पर ही डटे हुए है।वहीं स्वजन व अन्य लोग थाना परिसर पर धरने पर बैठ गए, उनकी मांग है कि संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर कर उन्हें बर्खास्त किया जाए, तभी उसके बाद ही धरना समाप्त किया जाएगा।
जिला पंचायत सदस्य शरद डोडियार ने बताया कि गणेश के घर के पास शादी कार्यक्रम चल रहा था। कुछ युवक बाहर बैठे हुए थे। गणेश भी अपने घर से कुछ दूरी पर खड़ा था। तभी डायल 100 वाहन से पुलिसकर्मी वहां पहुंचे थे तथा एक पुलिसकर्मी ने बेवजह गणेश के साथ मारपीट की थी तथा अन्य पुलिसकर्मी वाहन में बैठे थे। गणेश थाने गया था लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। उसने तनाव में आकर खुदकुशी कर ली। वाहन में सवार जो भी पुलिसकर्मी थे, उन्हें बर्खास्त किया जाए तथा मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआइआर लिखी जाए, नहीं तो धरन जारी रहेगा। मामले में आरक्षक शफी उल्लाह को निलंबित कर दिया गया है। एएसपी राकेश खाखा ने बताया की मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।