
नाहन। प्रदेश में अब जल्द ही दुधारू पशुओं का इलाज पशुपालकों को घरद्वार पर मिलेगा। प्रदेश भर में भारत सरकार की राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पहले चरण में 44 मोबाइल वैटरनरी यूनिट वाहन पहुंच चुके हैं। प्रदेश के सभी 81 विकास खंडों में एक-एक एमवीयू को उपलब्ध करवाया जाएगा। जिसकी विधिवत शुरुआत जानकारी अनुसार आगामी हिमाचल दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री राजधानी शिमला से करेंगे। मोबाइल वैटरनरी यूनिट को प्रत्येक ब्लॉक में उपलब्ध करवाने के साथ ही पीडीपीएल कंपनी एमवीयू नि:शुल्क सेवा को संचालित करेगी, जिसके लिए शुरुआती दौर में कंपनी ड्राइवर, वैटरनरी फार्मासिस्ट व वैटरनरी डाक्टर की भर्ती भी करेगी जिसकी प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया गया है। पशुपालकों को दुधारू पशुओं के बीमारी के इलाज में घरद्वार पर सुविधा प्राप्त हो के लिए मोबाइल वैटरनरी यूनिट वाहन को सुविधाओं से लैस किया गया है। जिसमें फस्र्ट एड, दवाइयां व माइनर ऑपरेशन के लिए टेबल सुविधा दी गई है। मोबाइल वैन में बकरी व गाय के बछड़े तक को भी मोबाइल वैन में ही ऑपरेट किया जा सकेगा।

किसान 1962 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर यह सुविधा ले पाएंगे। जानकारी के अनुसार एमयूवी को राज्य के पशु चिकित्सा संस्थानों से जोड़ा जाएगा। वहीं जिस भी संबंधित क्षेत्र की घरेलू पशुओं से जुड़ी समस्याएं होंगी वहां पर कॉल ट्रांसफर कर संबंधित नजदीकी वैटरनरी हॉस्पिटल से चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस कड़ी में जिला सिरमौर के चार विकास खंडों के लिए मोबाइल वैटरनरी यूनिट यानी एमवीयू पहुंच चुकी है, जबकि जिला के सात ब्लॉक में यह सेवाएं उपलब्ध करवाई जानी है। उधर पशुपालन विभाग के उपनिदेशक सिरमौर डा. नवीन कुमार ने बताया कि भारत सरकार की राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मोबाइल वैटरनरी यूनिट प्रत्येक ब्लॉक के लिए उपलब्ध होनी शुरू हो गई है। जिसमें जिला सिरमौर में भी चार वाहन पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि घरद्वार पर ही पशुपालकों को पशु निदान में सहायता मिले के लिए सभी सुविधाओं व चिकित्सकों की टीम के साथ वाहन पशुपालक के घरद्वार तक पहुंचेगा। विधिवत शुरुआत को प्रदेश के मुख्यमंत्री हरी झंडी दिखाकर हिमाचल दिवस को आरंभ करेंगे।