बच्चे को जंजीर से बांधा, मारपीट भी, खबर पढ़कर कांप जाएगी रूह

- रात के वक्त किसी तरह बच्चा वहां से भागकर तीन किलोमीटर दूर पड़ोस के गांव के एक घेर में छिप गया।
सहारनपुर: यूपी के सहारनपुर के तीतरों क्षेत्र के एक मदरसे में 10 साल के एक बच्चे को इंसान बनाने के नाम पर जंजीरों से बांधकर पीटा गया। बच्चे के साथ अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी गईं। बच्चे को दो दिन तक बंधक बनाए रखा गया। इस दौरान उसे खाना भी नहीं दिया। रात के वक्त किसी तरह बच्चा वहां से भागकर तीन किलोमीटर दूर पड़ोस के गांव के एक घेर में छिप गया। सुबह गांववालों ने उसे देखा तो नाम-पता पूछकर परिवार को खबर दी।

सहारनपुर जिले के तीतरो थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर गुर्जर के रहने वाले रामकुमार के घेर में सुबह-सुबह लोगों ने 10 साल के बच्चे को जंजीरों में जकड़ा हुआ देखा तो हैरान रह गए। रामकुमार के परिवार के सदस्य वहां पहुंचे तो उन्होंने बच्चे से उसके बारे में पूछ़ा। बच्चे ने मदरसे में उसके साथ की गई अमानवीयता की कहानी बयां कर दी। इस दौरान गांव के काफी लोग वहां जमा हो गए।
पूछने पर बच्चे ने खुद को पड़ोसी गांव बाल्लू का रहने वाला बताया। उसने बताया कि उसके पिता बिहार में फेरी लगाने का काम करते हैं। उसकी मां ने उसे मदरसे में पढ़ने के लिए भेजा था। बच्चे ने बताया कि मदरसे में कारी ने उसकी पिटाई की और हाथ-पैर में लोहे की जंजीर डालकर दूर बांध दिया। बच्चे ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी मां ने खाना भिजवाया था इसके बावजूद उसे खाना नहीं दिया गया।
सूचना मिलते ही बच्चे के परिवार के लोग भी मोहम्मदपुर गुर्जर गांव पहुंच गए। वे बच्चे को अपने साथ ले गए। उधर, कारी का कहना है कि बच्चा गलत संगत में था। डराने के लिए यह कदम उठाया गया। कारी इस सवाल का कोई जवाब नहीं दे सका कि बच्चे के बारे में परिवार को कोई जानकारी क्यों नहीं दी। फिर किसी भी स्थिति में किसी बच्चे के साथ इस तरह की अमानवीय हरकत करने की इजाजत उसे किसने दी।
इस बारे में पूछे जाने पर सहारनपुर के एसपी देहात सागर जैन ने कहा कि व में पुलिस टीम भेज कर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद उचित कार्रवाई होगी। यदि बच्चे के साथ अमानवीयता की गई है तो दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।