
मंडी। मंडी शहर के प्रवेश द्वार विश्वकर्मा चौक पर पिछले साल 13 अगस्त को आए भारी भूस्खलन से टूटी सडक़ को लोक निर्माण विभाग पांच महीने बाद भी सही नहीं कर पाया है। उल्टे विभाग टूटी सडक़ के गड्ढों को कच्ची मिट्टी से भर कर शहर को धूल भरे वातावरण में झौंक रहा है। इन दिनों वैसे ही सूखा पड़ा है, लोग धूल मिट्टी के चलते बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। मगर यहां तो विभाग खुद दाएं बांए से मिट्टी लाकर सडक़ पर बिछा रहा है जो टायरों के साथ व सबसे व्यस्त इस मार्ग से उड़ कर पूरे शहर में फैल रही है। बुधवार को फि र से विभाग ने दूसरी जगह से मिट्टी लाई और उसे गड्ढों में भरना शुरू कर दिया। दुखी लोगों ने नगर निगम के मेयर वीरेंद्र शर्मा भट्ट से गुहार लगाई और वह खुद मौके पर पहुंचे व लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को भी मौके पर बुलाया। मेयर ने हालात देख कर हैरानी जताई कि यहां पर पहले से ही मिट्टी लोगों को परेशान कर रही है मगर फि र भी बाहर से लाकर मिट्टी यहां पर डाली जा रही है।

पांच महीने बीत जाने पर भी विभाग ने सडक़ पर आए पत्थर नहीं हटाएए न मिट्टी के ढेर ही साफ किए, नालियां बंद हैं। चारों ओर धूल ही धूल है। लोगों ने मेयर से यहां तक कह दिया कि यदि छोटे से काम के लिए भी यदि सरकार व विभाग के पास पैसे नहीं हैं तो हम चंदा एकत्रित करके दे देते हैं, कम से कम हमें इस नरक व बीमारी से तो निजात दिलाओ। मेयर से मामले की गंभीरता को समझते हुए मौके से ही अधिकारियों से बात की और इस कुछ मीटर सडक़ को तुरंत प्रभाव से ठीक करने के लिए कहा। लोगों ने यह भी सपष्ट कर दिया कि यदि एक सप्ताह में इसे ठीक करके नरक से निजात नहीं दिलाई गई तो वह रास्ता जाम कर देंगे। यह शहर का प्रवेश द्वार है जहां से होकर दिन में पूरे जिले के लोग व वाहन शहर में आते हैं। ऐसे में सबको साथ लेकर रास्ता जाम करने के अलावा और कोई चारा नहीं रहेगा। लोगों ने मेयर वीरेंद्र शर्मा भट्ट का आभार जताया कि कम से कम उन्होंने तो उनकी तकलीफ को मौके पर आकर देखा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तो गाड़ी से नीचे उतर कर कभी मौके पर इसका मुआयना करते नहीं देखे। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी तो सीधे पब्लिक के लिए रांग साइट घोषित नए पुल से निकल जाते हैं।