रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया पत्रकार कोर्ट में पेश, भेजा रिमांड पर
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लुधियाना। कलोनाइजर को धमका कर गलाडा के अधिकारियों के नाम पर 3 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कथित पत्रकार अनिल विज को ब्यूरो की तरफ से कोर्ट में पेश किया गया। मानयोग कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया । ब्यूरो की तरफ से दलील दी गई थी कि अभी इस मामले में आरोपी से पूछताछ करनी है और उसके साथियों के बारे में भी पता लगना है और गलाडा के अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच करनी है। मामले की गहनता से जांच करने के लिए आरोपी से पूछताछ करनी जरूरी है। गौर है कि आरोपी को ऋषि नगर के रहने वाले सुरेंदर अरोड़ा की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। शिकायतकर्त्ता ने बताया था कि आरोपी खेतों में से उसके घर को जाने वाले पक्के रास्ते को तोड़ने को लेकर कार्रवाई रोकने के ऐवज में एसडीओ और जे ई के नाम पर 2 लाख रुपए व अपने लिए 1 लाख रुपए की मांग कर रहा था।
बार बार उसे धमका रहा था, जिस पर उसने ब्यूरो को शिकायत दी थी। कई कलोनाईजर पहुंचे विभाग के पास आरोपी की गिरफ्तारी का पता चलने के बाद कई कलोनाईजर विभाग के पास पहुंचे और आरोपी के बारे में शिकायत दी। उक्त लोगों का कहना था कि आरोपी अपने साथियों से मिल कर उन्हें परेशान कर अवैध वसूली कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार ब्यूरो को पता चला है कि आरोपी का एक साथी गलाडा के आला अधिकारियों को शिकायत करता था और बाद में आरोपी बीच बचाव करने के नाम पर सौदेबाजी कर वसूली करता था। आरोपी के साथ विभाग का एक अधिकारी भी वूसली करने के लिए साथ जाता था। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने भी अपने साथियों के बारे में जानकारी दी है, जिसे लेकर जांच की जा रही है कि उनकी क्या भूमिका है। इसके अलावा विभाग के अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है और आरोपी के मोबाइल को खंगाला जा रहा है। जांच के दौरान कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
लुधियाना। कलोनाइजर को धमका कर गलाडा के अधिकारियों के नाम पर 3 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कथित पत्रकार अनिल विज को ब्यूरो की तरफ से कोर्ट में पेश किया गया। मानयोग कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया । ब्यूरो की तरफ से दलील दी गई थी कि अभी इस मामले में आरोपी से पूछताछ करनी है और उसके साथियों के बारे में भी पता लगना है और गलाडा के अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच करनी है। मामले की गहनता से जांच करने के लिए आरोपी से पूछताछ करनी जरूरी है। गौर है कि आरोपी को ऋषि नगर के रहने वाले सुरेंदर अरोड़ा की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। शिकायतकर्त्ता ने बताया था कि आरोपी खेतों में से उसके घर को जाने वाले पक्के रास्ते को तोड़ने को लेकर कार्रवाई रोकने के ऐवज में एसडीओ और जे ई के नाम पर 2 लाख रुपए व अपने लिए 1 लाख रुपए की मांग कर रहा था।
बार बार उसे धमका रहा था, जिस पर उसने ब्यूरो को शिकायत दी थी। कई कलोनाईजर पहुंचे विभाग के पास आरोपी की गिरफ्तारी का पता चलने के बाद कई कलोनाईजर विभाग के पास पहुंचे और आरोपी के बारे में शिकायत दी। उक्त लोगों का कहना था कि आरोपी अपने साथियों से मिल कर उन्हें परेशान कर अवैध वसूली कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार ब्यूरो को पता चला है कि आरोपी का एक साथी गलाडा के आला अधिकारियों को शिकायत करता था और बाद में आरोपी बीच बचाव करने के नाम पर सौदेबाजी कर वसूली करता था। आरोपी के साथ विभाग का एक अधिकारी भी वूसली करने के लिए साथ जाता था। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने भी अपने साथियों के बारे में जानकारी दी है, जिसे लेकर जांच की जा रही है कि उनकी क्या भूमिका है। इसके अलावा विभाग के अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है और आरोपी के मोबाइल को खंगाला जा रहा है। जांच के दौरान कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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