जान ले सेविंग या एफडी,में अंतर,कैसे करें चुनाव?पहले करें चुनाव फिर लगायें दांव

हम सभी भारतीय बचत करने के उद्देश्य से पूरे महीने मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ ज्ञान ना होने की वजह से उस मेहनत का पूरा फल हासिल नहीं हो पाता। कन्फ्यूज लाइव में असली लोग सेविंग और एफडी भविष्य के लिए सबसे अच्छे पद पर कौन है। कई बार देखा गया है कि ये जानकारी भविष्य में नुकसानदायक सिद्ध हो सकती है। तो डिजाईल आज आपको इन दोनों नियुक्तियों में से आपके लिए क्या अच्छा लग सकता है।

सबसे पहले जानें अंतर
सबसे पहले आपको सेविंग और एफडी में इंटर्नशिप करना है। सेविंग अकाउंट, जहां आप अपना पैसा कभी भी निकाल सकते हैं, वहीं एफडी एक निश्चित समय के लिए दी जाती है। जहां आप अपना पैसा उस निश्चित समय के बाद ही निकालते हैं, ये एक मोटा-मोटी अंतर दोनों खाते में हैं। अब कौन सा विकल्प चुनें, यह डिपेंडेंट आपके पूर्वजों के लिए बचत कर रहा है। अगर आपको कुछ महीनों में एक की जरूरत है तो उसके लिए बेटर पद की सेवा उपलब्ध है। वहीं कुछ साल बाद आपको पैसे की जरूरत है तो आप एफडी की तरफ जा सकते हैं।
रुचि का मामला है ये
ये तो आपको समय के हिसाब से बताएं। अब जानिए इंटरेस्ट का हाल। एफडीडी पर अमूमन रुचि के लेखक प्रमुख हैं। वहीं सेविंग अकाउंट में कम इंटरेस्ट है। इसलिए क्योंकि आप सेविंग का पैसा कभी भी निकाल सकते हैं, इसलिए एफडी एक निश्चित समय के लिए उपलब्ध है। एफडी में भी कई सारे प्लान होते हैं जो आपकी जरूरत के हिसाब से मिलते हैं। जैसे कोई एफडी 250 दिन के लिए होती है, कोई 400 दिन के लिए। आप जितना अधिक लंबे समय तक निवेश करेंगे, उतना ही अधिक से अधिक ब्याज प्राप्त करेंगे।
नोट- खबरों की अपडेट के लिए जनता से रिश्ता पर बने रहे |