महिला को निर्वस्त्र घुमाने के मामले में 7 दरिंदे गिरफ्तार

प्रतापगढ। राजस्थान के प्रतापगढ़़ जिला अंतर्गत धरियावद थाना इलाके में एक आदिवासी महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में पुलिस ने शनिवार सुबह कार्रवाई करते हुए पति सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एक नाबालिग को भी पुलिस ने पकड़ रखा है। पुलिस जानकारी में सामने आया कि आरोपित भागने की कोशिश में चोटिल भी हो गए हैं। गिरफ्तार सभी सातों आरोपितों को प्रतापगढ़ जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर उनका इलाज पुलिस की निगरानी में चल रहा है। डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया कि इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर थाना धरियावद पर आईपीसी की संबंधित धाराओं, स्त्री अशिष्ट नियंत्रण अधिनियम व आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोपितों को नामजद कर जांच पड़ताल प्रारंभ की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन, संभागीय आयुक्त धरियावद, आईजी बांसवाड़ा रेंज एस परिमला, कलेक्टर इंद्रजीत यादव, एसपी अमित कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। आरोपितों को नामजद कर इनकी गिरफ्तारी के लिए 30 टीमों का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए उनके सभी संभावित स्थानों पर दबिश दी गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 12 घंटे के अंदर मुख्य आरोपित कान्हा पुत्र लालिया, नाथू पुत्र नगजी मीणा, वेणिया पुत्र भेरा निवासी पहाड़ा निचला कोटा व एक बाल अपचारी को हिरासत में लेकर सात आरोपितों पिन्टू पुत्र भेरीया, खेतिया पुत्र लेम्बिया मीणा, मोती लाल पुत्र रामा मीणा, पुनिया पुत्र बाबरीया मीणा, केसरा पुत्र मानेंग मीणा, सुरज पुत्र केसरा एवं नेतिया पुत्र पांचिया निवासी पहाडा निचला कोटा थाना धरियावद को गिरफ्तार किया गया।
एडीजी दिनेश एमएन के पर्यवेक्षण में पांच सदस्यीय एसआईटी गठित
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध दिनेश एमएन के पर्यवेक्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसआईयूसीएडब्ल्यू प्रतापगढ़ ऋषिकेश मीणा, सीओ धरियावद धनफूल मीणा, सीओ मावली उदयपुर कैलाश कुंवर, एसएचओ धरियावद पेशावर खान और महिला कांस्टेबल साइबर थाना प्रतापगढ़ पूजा की पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने बताया कि आईजी बांसवाड़ा रेंज और एसपी प्रतापगढ़ के सुपरविजन में गठित एसआईटी घटना की समस्त पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय को सौंपेगी तथा तकनीकी व वैज्ञानिक रूप से साक्ष्य संकलन कर प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण करेगी। डीजीपी मिश्रा ने बताया कि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के विरुद्ध भी विधि सम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
