जलकुंभी हटाने के नाम पर किए 45 लाख खर्च

भोपाल: 100 बीघा से ज्यादा में विस्तारित गौर सरोवर के एक हिस्से को पुल क नीचे से अवरोध बनाकर रोक दिया गया है. इसमें वर्षों से जमी जलकुंभी को हटाने के लिए नगरपालिका ने फरवरी में 17 लाख रुपए का ठेका एक माह के लिए था, लेकिन सफाई दो माह में भी पूरी नहीं हो पाई थी. जबकि इसके लिए मशीन गुजरात से किराए पर मंगवाई गई थी. बाद में 42 लाख खर्च करने के बाद मशीन को वापस कर दिया गया था. कुछ दिन फिर समस्या बढ़ी तो करीब तीन लाख रुपए और खर्च किए गए. लेकिन सरोवर पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया. बाद में भी नगरपालिका के श्रमिक लगाकर प्रयास किया गया और दूसरे हिस्से से जलकुंभी हटवाई गई, लेकिन अब लल्लागुरु की समाधिक वाला हिस्सा फिर से जलकुंभी से आच्छादित हो गया है. मशीन से जलकुंभी साफ कराने पर 42 लाख रुपए खर्च करने को लेकर सवाल भी उठाए गए थे. कुछ पार्षदों ने भी सवाल उठाया था कि इतनी ही राशि और मिलाकर असेंबल की हुई हार्वेस्टिंग मशीन भी आ सकती थी. परिषद के कुछ जिम्मेदार पदाधिकारी भी इस निर्णय से खुश तो नहीं थे, लेकिन राजनीतिक प्रतिबद्धता के चलते वे विरोध भी नहीं कर पाए.
