सीपी को कूड़ेदान में मिले दस्तावेज, दो नपे

उत्तरप्रदेश | पुलिस कमिश्नर डॉ. आरके स्वर्णकार अपने ही दफ्तर के निरीक्षण पर निकले तो उन्हें कैंपस में रखे कूड़े दान में नाबालिगों से संबंधित अपराध से जुड़े पांच जरूरी लिफाफे समेत महत्वपूर्ण दस्तावेज पड़े मिले. इन पांचों बंद लिफाफों को एडीसीपी महिला अपराध के सामने ही खोला जाना था. सीपी ने तत्काल महिला अपराध शाखा में तैनात हेड पेशी दरोगा सुरेश रजावत और महिला सिपाही नीतू को निलंबित कर दिया और दस्तावेज यहां तक कैसे आए इसकी जांच एडीसीपी हेड क्वार्टर्स के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी है. पुलिस कमिश्नर के मुताबिक जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस कमिश्नर कार्यालय में पुलिस कमिश्नर डॉ. आरके स्वर्णकार जांच करने के लिए निकले. इस दौरान वहां पिछले हिस्से में नगर निगम द्वारा रखे गए कूड़े के कंटेनर में उनकी नजर पड़ी तो उसमें महिला अपराध संबंधित कुछ दस्तावेज व पांच बंद लिफाफे पड़े थे. पुलिस कमिश्नर के साथ डीसीपी हेडक्वार्टर तेज स्वरूप सिंह वह अन्य अफसर भी मौजूद थे. उन्होंने अफसरों से कहकर वह दस्तावेज निकलवाए. दस्तावेजों को मौके पर चेक किया गया तो पता चला कि वह कुछ एकाउंट्स के दस्तावेज हैं जो पुराने हैं. उन्हें डिस्पोज कर जलाने के निर्देश दिए थे. पर दरोगा व सिपाही ने उन्हें ऐसे कूड़ेदान में फेंक दिया था.
पांच बंद लिफाफों में पॉक्सो और अपहरण की रिपोर्ट मौजूद थी पुलिस जांच में पता चला कि पांच बंद लिफाफों में नाबालिगों की धारा 363 (अभिभावक के सरंक्षण से अपहरण करना) और पॉक्सो एक्ट के मामलों की रिपोर्ट थी. जिन्हें एडीसीपी महिला अपराध के सामने खोला जाना था. इन रिपोर्ट्स का रिकार्ड मेनटेन किया जाता है. मगर इन बंद लिफाफों को खोला ही नहीं गया. उन्हें ऐसे ही कूड़ा दान में डाल दिया गया. इस मामले को घोर लापरवाही मानते हुए डीसीपी हेडक्वार्टर्स ने हेड पेशी दरोगा और महिला सिपाही को निलम्बित कर दिया.
एडीसीपी हेडक्वार्टर्स की जांच में खुलेगी सच्चाई घटना की जांच एडीसीपी हेडक्वार्टर्स विजेंदर द्विवेदी को सौंपी गई है. उनकी जांच रिपोर्ट में इस तथ्य का खुलासा होगा कि इन दस्तावेजों को जानबूझकर यहां फेंका गया था या यह महज लापरवाही थी. इस जांच की मॉनीटरिंग डीसीपी हेडक्वाटर्स करेंगे.