आरपीएफ जवान पवन कुमार सिंह ने 5 लोगों पर की थी अंधाधुंध फायरिंग, 16 मार्च को सुनाई जाएगी सजा

रामगढ़ : रामगढ़ जिले के बरकाकाना क्षेत्र में 17 अगस्त 2019 को दिल दहला देने वाली घटना घटी थी। एक आरपीएफ जवान पवन कुमार सिंह ने 5 लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। जिसके बाद 3 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शेष नाथ सिंह के न्यायालय ने पवन कुमार सिंह को दोषी करार दिया गया है। सजा 16 मार्च को सुनाई जाएगी। पवन कुमार सिंह पर भादवि की धारा 302, 307, 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। सोमवार को दोषी करार दिए जाने के बाद उसे रामगढ़ उपकारा भेज दिया गया। कुल 16 गवाहों का बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज कराया था।
क्या है मामला
घटना 19 अगस्त 2019 की रात 8 बजे की है। पवन ने अपने सर्विस पिस्टल से अंधाधुंध गोलियां चलाकर रेलकर्मी अशोक राम, पत्नी लीला देवी और बड़ी बेटी मीना देवी की हत्या कर दी थी। इसके बाद फरार हो गया था। बाद में उसे बिहार के आरा जिले के 22 मार्च 2020 को गिरफ्तार किया गया था। दरअसल पवन घटना वाले दिन अशोक राम के घर दूध लेने पहुंचा। वह नशे में धुत्त था तो परिवार वालों ने दूध देने से मना कर दिया। इसके बाद गुस्से में आकर जवान ने अंधाधुध फायरिंग की । तीन लोगों की मौत हो गी जबकि छोटा बेटा संजय राम व एक बेटी सुमन कुमारी घायल हो गए। सुमन अभी भी इलाजरत है और चिकित्सकों की निगरानी में है। गौरतलब है कि एक साथ 3 लोगों की हत्या के बाद बरकाकाना इलाके में कोहराम मच गया था। आक्रोशित लोगों ने जगह-जगह सड़क मार्ग अवरूद्ध कर दिया था। रेलवे ट्रैक को भी जाम कर दिया था। घटना की जांच को लेकर केंद्रीय टीम भी रामगढ़ पहुंची थी।
