बच्चे को आईफ्लू होने पर स्कूल न भेजें

उत्तरप्रदेश | इन दिनों फैल रहा आंखों का संक्रमण (आई फ्लू) स्कूल के बच्चों को भी तेजी से गिरफ्त में ले रहा. स्कूल भी संक्रमण को लेकर पूरी सतर्कता बरत रहे हैं. एहतियातन अभिभावकों को संक्रमण होने की स्थिति में बच्चों को स्कूल नहीं भेजने के लिए कहा गया है.
तेजी से बढ़ रहा आई फ्लू बच्चों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है,
जिसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है. आई फ्लू होने के चलते स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार घट रही है. कई बच्चे आई फ्लू होने के बावजूद भी स्कूल जाते हैं तो उन्हें एहतियातन स्कूल से वापस घर भेज दिया जाता है, ताकि दूसरे बच्चों में यह संक्रमण ना हो. प्राथमिक स्कूल कविनगर के प्रधानाचार्य राजकुमार ने बताया स्कूल में लगभग 150 बच्चे हैं, इनमें से 25 बच्चे आई फ्लू की चपेट में हैं. अभिभावकों को आई फ्लू ठीक नही होने तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजने के लिए खा गया है. ऐसे बच्चों को व्हाट्स एप के जरिए होम वर्क दिया जा रहा है.
मैसेज भेज कर रहे सतर्क बच्चों में बढ़ते आई फ्लू के चलते सरकारी और निजी स्कूल भी अपनी तरफ से पूरी सावधानी बरत रहे हैं. अभिभावकों को मैसेज भेज कर सावधानी बरतने और बच्चों को स्कूल नहीं भेजने के लिए कहा जा रहा है. हालांकि शिक्षा विभाग की तरफ से अभी कोई भी एडवाइजरी जारी नहीं की गई है.
आंखें लाल और सूजन हो रहा तो सावधानी बरतें
आंखे लाल होना, आंखों में सूजन, जलन या खुजली, आंखों से पानी आना, आंखो के पास सफेद या लाल दाग होना. अगर ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और पूरी सावधानी बरतें. ऐसे में नियमित हाथों को धोएं, आंखों को छूने के बाद हाथ जरूर धोएं, संक्रमित से दूरी बनाकर रखें, जलन होने पर साफ पानी से आंखों को धोएं, आंखों पर चश्मा जरूर लगाएं और संक्रमित की तौलिया, तकिया, रूमाल, अलग रखें.
