आत्महत्या के लिए उकसाने वालों को मिली 10 साल की सजा

बेमेतरा। करीब दो साल पहले उधार लिए गए कपड़ों के बदले वास्तविक रकम से ज्यादा रकम मांगने से परेशान होकर शहर के एक युवा व्यवसायी द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए रायपुर निवासी पांच कपड़ा व्यापारियों को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने रायपुर निवासी आरोपी विक्की डेंगवानी, विशाल मोटवानी, सुरेश उर्फ सोनू मोटवानी, दिनेश मुलानी और श्रेयांश नहाटा को धारा 306, 34 के अपराध में दोषी पाया और उन्हें 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 1,000 रुपये का जुर्माना से दण्डित किया गया है। बेमेतरा के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने थाना बेरला के अपराध प्रकरण में विक्की डेंगवानी, विशाल मोटवानी, सुरेश उफ$ सोनू मोटवानी, दिनेश मुलानी एवं श्रेयांश नाहटा सभी निवासी रायपुर को समान आशय से न्यायालय में पेश किया।

मृतक कीर्ति किशोर वर्मा को अपने द्वारा दिये गये कपड़ों के एवज में वास्तविक राशि से अधिक पैसे की लगातार मांग करते हुए उसने उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताडि़त किया और आत्महत्या के लिए प्रेरित किया। जिसके चलते शहर के युवा कपड़ा व्यापारी कीर्ति किशोर वर्मा निवासी सोनी पारा बेमेतरा ने 27 सितंबर 2021 को दोपहर करीब 3.10 बजे ग्राम बावनलख शिवनाथ नदी एनीकट के पास जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उक्त घटना की जानकारी थलेश वर्मा पिता मोहित सिंह वर्मा ने सिटी कोतवाली बेमेतरा को दी थी। कीर्ति किशोर वर्मा की कपड़ा दुकान शहर के प्रताप चौक पर थी, जिसके लिए वे रायपुर के थोक कपड़ा व्यापारी प्रकाश होजरी, आरएस शर्ट जोन, दिनेश कलेक्शन, सुरभि कलेक्शन और पुष्पा कलेक्शन से खरीदारी करते थे। कारोबारी कर्ज वसूली के नाम पर पीडि़त पर लगातार दबाव बना रहे थे। उक्त प्रकरण की पैरवी सूरज कुमार मिश्रा, अपर लोक अभियोजक, बेमेतरा द्वारा की गई।