शर्तें पूरी किए बना किया गया था चयन, 26 अभ्यर्थी सफल ऐसे हुए हैं, जिनके पास पंजीयन प्रमाणपत्र नहीं थे

झारखण्ड | झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी को सहायक टाउन प्लानरों की नियुक्ति का संशोधित रिजल्ट जारी करने का निर्देश दिया है. इस संबंध में विवेक हर्षित, स्वपनिल मयूरेश एवं अन्य ने खंडपीठ में याचिका दायर कर एकलपीठ के आदेश को चुनौती दी थी.
याचिका में कहा गया था कि सहायक टाउन प्लानर की नियुक्ति परीक्षा में ऐसे 26 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जिनके पास आवेदन भरने की अंतिम तिथि तक इंस्टीट्यूट आफ टाउन प्लानर का पंजीयन प्रमाणपत्र नहीं थे. विज्ञापन में आवेदन की अंतिम तिथि तक ही प्रमाणपत्र रहने वालों को आवेदन करने के योग्य बताया गया था. लेकिन जेपीएससी जो रिजल्ट जारी किया है उसमें बिना प्रमाणपत्र वाले 26 लोग हैं. जेपीएससी नियुक्ति प्रक्रिया के बीच में कोई नई शर्त नहीं जोड़ सकता है. ऐसे में इनकी उम्मीदवारी सही नहीं है और ये रद्द किया जाए.
बता दें कि अप्रैल 2020 में जेपीएससी ने पूरे राज्य में सहायक टाउन प्लानर के 77 पद के लिए विज्ञापन निकाला था. मार्च 2021 को सारी प्रक्रिया पूरी करते हुए जेपीएससी ने परिणाम जारी कर दिया और सफल हुए 43 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा सरकार को भेज दी थी. इनमें से 26 ऐसे अभ्यर्थी थे, जिनके पास फॉर्म भरने की अंतिम तिथि तक इंस्टीट्यूट आफ टाउन प्लानर (इंडिया) का सर्टिफिकेट नहीं था. जेपीएससी ने 318 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में बुलाया था, जिनमें से 186 अभ्यर्थियों के पास इंस्टीट्यूट आफ टाउन प्लानर (इंडिया) का सर्टिफिकेट फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2020 तक नहीं थी. यह मामला पहले एकलपीठ में गया था. एकलपीठ ने जेपीएससी के निर्णय को सही बताते हुए याचिका खारिज कर दी थी.
इसके बाद खंडपीठ में अपील याचिका दायर की गयी थी.
हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की आध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पूर्व में सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. मामले में अपीलकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार, अमृतांश वत्स, अधिवक्ता सिद्धार्थ रंजन, शिप्रा शालिनी ने पैरवी की थी जबकि जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल, प्रिंस कुमार ने पेरवी की दरअसल, इस संबंध में विवेक हर्षत, स्वप्रित मयूरेश एवं अन्य ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ खंडपीठ में अपील दाखिल कर कहा था कि परीक्षा में 26 ऐसे अभ्यर्थी परीक्षा में सफल हुए है, जिनके पास विज्ञापन में फॉर्म भरने की अंतिम तिथि तक इंस्टीट्यूट आफ टाउन प्लानर (इंडिया) में पंजीयन का प्रमाण पत्र नहीं है. विज्ञापन में ऐसी कोई शर्त नहीं थी. नियुक्ति प्रक्रिया के बीच में विज्ञापन की शर्तों में बदलाव नहीं किया जा सकता है. ऐसे में इनकी परीक्षा रद किया जाए.
