मंडी के 479 बच्चों के माता-पिता बनने का खर्च सरकार उठाएगी

मंडी: अतिरिक्त उपायुक्त मंडी निवेदिता नेगी ने कहा कि सुख आश्रय योजना मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की एक अनूठी एवं उत्कृष्ट पहल है जिससे अनाथ बच्चों का भविष्य संवरेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे बच्चों को राज्य के बच्चों का दर्जा दिया है. जिला मंडी में ऐसे 479 बच्चे चिन्हित किए गए हैं। सरकार उनके पालन-पोषण, शिक्षा, आवास, विवाह आदि का खर्च वहन करेगी।

यह जानकारी उन्होंने कल्याण भवन मंडी में आयोजित मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत पात्रता प्रमाण पत्र वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में दी। इस अवसर पर उन्होंने सुख आश्रय योजना के पात्र 93 अनाथ लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक पालक माता-पिता की तरह न केवल इन बच्चों के भरण-पोषण की व्यवस्था कर रही है, बल्कि उनके भावी जीवन की भी चिंता कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना जिला मण्डी में जिलाधीश एवं बाल कल्याण संरक्षण समिति के मार्गदर्शन में चल रही है।