मशहूर कवयित्री, लेखिका शबनम का निधन

प्रसिद्ध कश्मीरी कवि और लेखक, ओंकार नाथ भट शबनम ने नई दिल्ली में संक्षिप्त बीमारी के बाद अंतिम सांस ली। वह 78 वर्ष के थे।

विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से जुड़ीं शबनम एक प्रखर लेखिका थीं, जिनकी कविताएं और लघुकथाएं दिल को छू लेने वाली थीं। उनके काव्य में हास्य और गम्भीरता दोनों थी। उन्होंने अपनी कविताओं और लघु कथाओं में मानव जीवन के हर पहलू को छुआ है जो विभिन्न पत्रिकाओं और पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं।
साहित्यिक और सांस्कृतिक संगठनों से विभिन्न पुरस्कारों की प्राप्तकर्ता, शबनम को कश्मीर और फ़ारसी दोनों भाषाओं पर महारत हासिल है। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को उजागर करने के अलावा प्रवास, सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे की पीड़ा पर भी लिखा है।
उन्होंने अपने काव्य को पुस्तकों के रूप में संकलित किया जिसमें तेउत मुधुर (खट्टा और मीठा) बहुत लोकप्रिय हुआ।
विभिन्न सांस्कृतिक और साहित्यिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक और शोक व्यक्त किया है और इसे साहित्य जगत के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।