बाबा बाघेश्वर धाम के दिव्य दरबार में मची भगदड़, पुलिस ने चलाई लाठी

गोरखपुर। गोरखपुर जिले के बड़हलगंज में लगे बागेश्वर धाम महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में गुरुवार को भगदड़ मच गई. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी भांजनी पड़ी. इस दौरान एक महिला गंभीर रूप से घायल भी हो गई. हालांकि पुलिस अधीक्षक दक्षिणी का कहना था कि हमारे सिपाहियों के हाथ में डंडा ही नहीं था, जबकि वीडियो में पुलिस के हाथ में डंडा दिख रहा है. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बार-बार आग्रह के बाद भीड़ किसी तरह से नियंत्रित हुई।

बड़हलगंज कथास्थल पर जुटी भीड़ को संभालने में अपने को विफल देख प्रशासन बार-बार कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से दिव्य दरबार समाप्त करने का आग्रह करने लगा. इसके चलते दिव्य दरबार को समय से पूर्व समाप्त करना पड़ा. बता दें कि बड़हलगंज कस्बा व कथास्थल पर जुटी भीड़ को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह फेल रही. न तो कथास्थल पर पुलिसकर्मी भीड़ को संभाल पा रहे थे और न उपनगर की सड़कों से जाम हटवा पा रहे थे. ऐसे में पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही. इस दौरान भीड़ को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों ने लाठी भी भांजी, लेकिन भीड़ पर इसका कोई असर नहीं रहा।
दिव्य दरबार के दौरान भीड़ के बीच फंसी महिलाएं बेहोश होकर गिरती रहीं, जिन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था. भीड़ में गोरखपुर से आई एक महिला का बच्चा दब गया, जिसको बचाने के लिए वह गुहार लगाती रही. अंत में पुलिस और सेवादारों की तत्परता के चलते किसी तरह बच्चे को बचाया जा सका. इसी दौरान भीड़ में एक महिला का पैर भी टूट गया. भीड़ के दौरान एक युवती अर्चना वर्मा बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास कर रही थी. इसी दौरान पुलिसकर्मी ने उस युवती के ऊपर लाठी चला दी, जिससे युवती का सिर फट गया. वह लगातार दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करती रही।
भीड़ के साथ कथास्थल पर आ रहे नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि वीआईपी गेट के पास से निकल ही रहे थे कि एक पुलिसकर्मी ने उन पर लाठी तान दी. अगल-बगल के लोगों ने दौड़कर रोका, तब जाकर वह सुरक्षित निकल सके. मालूम हो कि सुरक्षा का हवाला देकर प्रशासन ने पूर्व में 15 जनवरी से होने वाली कथा को अनुमति देने के बाद निरस्त कर दिया था. उसका कहना था कि गोरखपुर महोत्सव और गोरखनाथ में खिचड़ी मेला के चलते हम सुरक्षा नहीं दे पाएंगे. उसके बाद 17 जनवरी से 19 जनवरी के लिए प्रशासन ने अनुमति दी. बावजूद इसके भीड़ को प्रशासन संभाल नहीं सका और पूरी तरह से अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई।