अशासकीय स्कूलों में भर्ती से रोक हटी

ऋषिकेश: अशासकीय स्कूलों में भर्ती पर रोक लगाने के डीजी-शिक्षा बंशीधर तिवारी के आदेश पर रोक लगाने के कुछ ही समय बाद दोबारा सचिव स्तर से भर्ती पर रोक लगाने के आदेश को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है. इस मामले में सरकार को छह हफ्ते में काउंटर दाखिल करने का आदेश दिया गया है. हाईकोर्ट के स्टे के बाद अशासकीय स्कूलों ने सरकार ने तत्काल भर्ती शुरू करने की मांग की है.
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अशासकीय स्कूलों ने सरकार पर भर्ती खोलने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया. अशासकीय विद्यालय प्रंबधक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि अशासकीय स्कलों से बड़ी संख्या में शिक्षक रिटायर हो रहे हैं. शिक्षक न होने की वजह से हजारों छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर असर पड़ने लगा है.

नेगी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि किसी स्कूल में नियुक्ति में भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो सरकार तत्काल उस स्कूल के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर कर जेल भेजे. नियुक्ति प्रक्रिया में शिक्षा विभाग का शत प्रतिशत दखल होता है. प्रबंधन के पास इंटरव्यू में केवल पांच अंक देने का अधिकार होता है और उसके एक एक अंक का भी जवाब देना होता है.
कैबिनेट ने दिए थे निर्देश अशासकीय स्कूलों में भर्ती पर रोक लगाने के आदेश कैबिनेट के स्तर से दिए गए थे. सूत्रों के अनुसार डीजी शिक्षा के आदेश के निरस्त होने के बाद भर्ती का मामला 12 सितंबर की कैबिनेट के सामने उठा था. बैठक में कहा गया कि नियुक्तियों में अनियमितता की शिकायतें मिल रही हैं. इसलिए पारदर्शिता के लिए भर्ती को जारी रखना उचित नहीं होगा. कैबिनेट के निर्देश के बाद 19 सितंबर को शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने रोक लगाने के आदेश दे दिए. हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश के विरेाध में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए 10 अक्टूबर को सचिव के फैसले पर स्टे कर दिया है.