
हरिद्वार: राजपुर रोड स्थित रिलायंस ज्वैलरी शोरूम डकैती मामले में शोरूम प्रबंधन के स्तर से सुरक्षा में कई खामियां उजागर हुई हैं. यहां बाहर से आने वाले लोगों की बजाय अपने कर्मचारियों की निगरानी के लिए ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगे थे. यहीं नहीं, इमरजेंसी में यदि कोई अलार्म बजाता भी तो पहली सूचना मुंबई हेड ऑफिस जाती.

रिलायंस ज्वेलरी शोरूम से 14 करोड़ के गहने लूटने के मुख्य आरोपी प्रिंस कुमार को पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर बिहार से देहरादून ले आई है. उस पर दो लाखका ईनाम घोषित था. आरोपी पर पूर्व में हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती आदि के मामले दर्ज हैं. एसएसपी अजय सिंह ने को प्रेसवार्ता में बताया कि रिलायंस डकैती मामले में प्रिंस कुमार को वैशाली बिहार से गिरफ्तार किया गया था. उसने बताया कि बिहार जेल में बंद शशांक और सुबोध के कहने पर उसने डकैती की साजिश रची. घटना से पहले वो अभिषेक, विक्रम, राहुल, अविनाश के साथ बिहार से सहारनपुर आया था. सहारनपुर में प्रिंस और अभिषेक उतर गए, जबकि बाकी आरोपी अम्बाला चले गए थे. घटना के बाद लूटी गई ज्वैलरी से भरे बैग राहुल और अविनाश की बाइक में रखवाया गया, जो तय रूट से सहसपुर क्षेत्र में पहुंचे. पुलिस की सघन चैकिंग की सूचना मिलने पर आरोपियों ने बाइक और कार जंगल में ही छोड़ दी. यहां से प्रिंस ई-रिक्शा में बैठ पांवटा साहिब की तरफ चला गया गया. उसने बताया कि पांवटा साहिब से राहुल और अविनाश ज्वैलरी लेकर चले गए थे. विक्रम और अभिषेक अलग-अलग माध्यमों से बिहार पहुंचे. एसएसपी ने बताया कि प्रिंस पर हत्या, लूट के पांच केस पूर्व में दर्ज है.
रिलायंस ज्वेलरी शोरूम डकैती मामले में प्रबंधन स्तर से भी उजागर हुईं खामियां
बड़े शोरूमों में ऐसी घटनाएं देशभर में हो रही हैं. ऐसे में शोरूम मालिकों को भी अपना सुरक्षा तंत्र मजबूत करना चाहिए, ताकि समय रहते अपराधियों को पकड़ा जा सके.
-अजय सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
पारदर्शी शीशे के चलते बदली लूट की योजना
रिलायंस के देहरादून में दो शोरूम हैं. एक जीएमएस रोड पर है और दूसरा राजपुर रोड पर. बदमाशों के भागने के लिहाज से जीएमएस रोड वाला शोरूम ज्यादा सुरक्षित था. इसके बाद भी बदमाशों ने शहर के बीच वाले शोरूम में लूट की. एसएसपी ने बताया कि जीएमएस रोड वाले शोरूम के बाहर पारदर्शी शीशा लगा है. यदि बदमाश यहां लूट करते तो बाहर से सब दिख सकता था. राजपुर रोड के शोरूम में पारदर्शी शीशा तो है, लेकिन उसके आगे शटर लगा है. सुबह के समय महिला सुरक्षा कर्मी होने के कारण उसे 11 बजे बाद ही खोला जाता था.