नालंदा में फिर मिले14 रोगी निजी क्लीनिक में आठ भर्ती

बिहार नालंदा में डेंगू रोगियों के मिलने का सिलसिला जारी है. 14 नए रोगी मिले. इनमें से आठ रोगियों को निजी क्लीनिक में भर्ती किया गया है. जबकि, अन्य का घर पर इलाज चल रहा है. हालांकि, इनमें से 10 रोगी पढ़ाई या कारोबार के सिलसिले में अन्य शहरों में रहने वाले हैं. वहीं चार रोगी जिलों के हैं.
बिहारशरीफ शहर के बॉलीपर मोहल्ले की 17 वर्षीया रिया कुमारी, कुतलुपुर की 22 वर्षीया सुलभ कुमारी, मघड़ा की 25 वर्षीया खुशबु कुमारी, फलड़ु के 57 वर्षीय रामस्वरूप प्रसाद पटना में रहते थे. बीमार होने पर वे अपने-अपने गांव लौटे. यहां जांच में डेंगू संक्रमित मिले.
जुनेदी गांव के 29 वर्षीय रणवीर कुमार पश्चिम बंगाल में रहते थे.

महलपर की 30 वर्षीया प्रियंका कुमारी, चरुआमा की 24 वर्षीया आफरिन जैनब, काशी तकिया की 24 वर्षीया रुखसार जमाल, अरौत के 32 वर्षीय रंजीत कुमार, राजगीर की 28 वर्षीया पूनम कुमारी व अन्य संक्रमित मिली हैं. इनका इलाज शहर के निजी क्लीनिकों में चल रहा है.
बरतें एहतियात, घरों के आसपास पानी जमा न होने दें
फिजिसियन डॉ. मिथिलेश प्रसाद व डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि ठंड बढ़ने पर इसके मामले कम होते जाएंगे. इस बार डेंगू आक्रामक तौर पर लोगों को प्रभावित नहीं कर रहा है. बावजूद लोगों को एहतियात बरतनी चाहिए. घरों के आसपास साफ या गंदा पानी जमा न होने दें. मच्छरदानी लगाकर अवश्य सोएं. जलजमाव वाली जगहों पर मिट्टी का तेल का छिड़काव करें. तीन चार दिनों से अधिक समय से तेज बुखार या मांसपेशियों में अधिक दर्द हो, तो इसे नजरअंदाज न करें. इसमें थोड़ी सी लापरवाही खतरनाक हो सकती है.