वीवीआईपी मूवमेंट को वाहनों के अधिग्रहण का विरोध किया

हरिद्वार: टैक्सी-मैक्सी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने वीवीआईपी मूवमेंट के लिए होने वाले वाहनों के अधिग्रहण का विरोध किया है. एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार परिवहन विभाग के वाहनों का अधिग्रहण करने से यात्रियों और वाहन स्वामियों को समस्या का सामना करना पड़ता है. पदाधिकारियों ने प्रशासन से समस्या का समाधान करने की मांग की है.
को प्रेसवार्ता करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश भाटिया, सचिव संजय शर्मा और कोषाध्यक्ष इकबाल सिंह ने कहा कि कई बार उत्तराखंड में किसी वीवीआईपी के दौरे या चुनाव आदि के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा श्रद्धालुओं को यात्रा पर लेकर जा रहे वाहनों को अधिग्रहित कर लिया जाता है. अधिग्रहित किए जाने वाहनों का शासन प्रशासन या परिवहन विभाग की ओर से कोई भुगतान भी नहीं किया जाता है. दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में ही वाहनों को अधिग्रहण किए जाने से उनमें सवार यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि वीवीआईपी के दौरे व अन्य कार्यक्रमों की जानकारी शासन प्रशासन को पूर्व में ही मिल जाती है. इसलिए वाहनों की व्यवस्था पूर्व से ही की जानी चाहिए. कारवार्ता के दौरान नितिन, राजीव अग्रवाल, जयमल, सुनील, शम्मी खुराना, पंकज, माध्विक मित्तल, सुभाष, चंद्रकांत शर्मा, संजय शर्मा, इकबाल सिंह आदि व्यवसायी मौजूद रहे.
हंस महाराज के संदेशों को जीवन में उतारें

जनकल्याण समारोह को सम्बोधित करते हुए माता मंगला ने कहा कि बड़ी खुशी की बात है कि आज हम तीर्थ स्थली हरिद्वार में योगीराज हंस महाराज की पावन जयंती मना रहे हैं. हरिद्वार दुनिया के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था और श्रद्धा का केंद्र होने के साथ-साथ हंस महाराज की जन्म और कर्मस्थली भी रहा है. हरिद्वार से ही उन्होंने अध्यात्म ज्ञान के प्रचार-प्रसार की शुरुआत की थी और इसे अध्यात्म ज्ञान और मानव सेवा का केंद्र बनाया था. उन्होंने समारोह में उपस्थित श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि वे हंस महाराज के आध्यात्मिक संदेशों को अपने जीवन में उतारें तथा उनके द्वारा दिखाये ज्ञान, भक्ति, मानव सेवा और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ें. आध्यात्मिक गुरु भोले महाराज ने ‘जीवन है बेकार भजन बिन दुनिया में और भजन बिना चैन ना आये राम आदि भजन सुनाकर लोगों को भक्ति के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन अनमोल है, यह हमें भगवान के भजन-सुमिरण के लिए मिला है. इस मौके पर भोले महाराज और माता मंगला की प्रेरणा से द हंस फाउंडेशन द्वारा देश भर में किये जा रहे सामाजिक कार्यों की डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई.
समारोह में महात्मा शिवकृपानंद ने भी सत्संग विचारों से श्रद्धालुओं को लाभान्वित किया. बनारस से आए भजन गायक जय पांडेय तथा अन्य प्रेमी भक्तों ने भगवान शिव, मां गंगा, गुरु तथा सत्संग की महिमा से जुड़े भजन प्रस्तुत किए.