गंदगी पर अधीक्षक ने एंबुलेंस की कराई सफाई

झारखण्ड | अधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने हार्ट के रेफर मरीज को एसएनएमएमसीएच से रिम्स रांची ले जा रही 108 एंबुलेंस सेवा में गंदगी देख नाराजगी जताई. उन्होंने सफाई कर्मी को बुलाकर एंबुलेंस की सफाई कराई. एंबुलेंस कर्मियों को गाड़ी साफ रखने का निर्देश दिया. बता दें कि अधीक्षक की सुबह इमरजेंसी के निबंधक डॉ डीपी गिंदोरिया के साथ कैथलैब बिल्डिंग की सेंट्रल इमरजेंसी का निरीक्षण कर रहे थे. वहां मरीज को ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा की बेसिक लाइफ सपोर्ट लगी थी. मरीज और उसके परिजनों को चढ़ाया गया. इस बीच अधीक्षक पहुंच गए. एंबुलेंस गंदा देख वे उसके अंदर चले गए. अंदर भी काफी गंदगी थी. इसपर उन्होंने नाराजगी जताई. साथ ही अपने सफाई कर्मी को बुलाकर उसे साफ कराया. एंबुलेंस में सिर्फ दो कर्मी थे. डॉ गिंदोरिया के साथ अधीक्षक ने सेंट्रल इमरजेंसी का मुआयना किया. वहां एक्स-रे की व्यवस्था नहीं थी.

अधीक्षक ने एक्स-रे मशीन लगाने का निर्देश दिया. यहां इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए पोर्टेबल एक्स-रे मशीन लगाई जा रही है. अधीक्षक का निर्देश मिलते ही काम शुरू कर दिया गया. सेंट्रल इमरजेंसी से मरीजों को वार्ड में भेजने के रास्ते को भी दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया. अधीक्षक ने इमरजेंसी के बाहर लगे ऑक्सीजन सप्लाई के बेकार पड़े प्वाइंट से फीमेल मेडिसिन वार्ड में ऑक्सीजन आपूर्ति करने का निर्देश दिया. सभी कंबल को धूप में सुखाने का निर्देश दिया.
दुर्गा पूजा के उत्साह के साथ चरम पर पहुंची खरीदारी
पूजा का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है. साथ ही बाजार में खरीदारों की भीड़ अपने चरम की ओर बढ़ रही है. सभी बाजार दिनभर खरीदारों से पटे रहे. शाम होते ही बाजारों में लोगों को हुजूम जुट पड़ा. सबसे ज्यादा भीड़ कपड़े की खरीदारी के लिए हो रही है. फुटवियर, शृंगार प्रसाधन, पूजा सामग्री, फल, फूल आदि की भी खरीदारी हो रही है. की शाम होते ही हीरापुर और पार्क मार्केट में जाम की स्थिति बन गई. बैंकमोड़, पुराना बाजार, सरायढेला, बरटांड़ आदि बाजारों की भी यही स्थिति रही. ग्राहकों को अपने पसंद का सामान खरीदने के लिए मशक्कत करनी पड़ी. दुकानदारों को पेमेंट देने के लिए ग्राहकों को इंतजार करना पड़ा.
बोनस के 400 करोड़ का इंतजार भीड़ के बावजूद बाजार दुर्गा पूजा के बोनस का इंतजार कर रहा है. इस साल बीसीसीएल, रेलवे, टाटा समेत अन्य सरकारी, अर्द्धसरकारी और प्राइवेट कंपनियों को मिलाकर धनबाद के बाजार में 400 करोड़ रुपए से अधिक आने की उम्मीद है.
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