
मुंबई। मेवात का लाडला शाहबाज अहमद एक बार फिर से इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) में गेंद और बल्ले से अपना हुनर दिखाएंगे। टीम इंडिया के लिए खेल चुके इस आलराउंडर को इस बार सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने चुना है। इससे पहले वह आइपीएल में रायल चैलेंजर्स बेंगलौर के लिए खेलते थे। उनके चयन पर उनके पैतृक गांव शिकरावा में खुशी जताई जा रही है। उनके स्वजन तथा मेवात के लोग शाहबाज अहमद को टीवी पर साउथ अफ्रीका और जिंबाब्बे के खिलाफ वनडे मैच में खेलेत हुए देख चुके हैं। शाहबाज अहमद के बचपन के कोच उनके चाचा फारूख ने खुशी जताते हुए कहा कि इस बार शाहबाज बेहतर प्रदर्शन कर टी-20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया में अपनी जगह बनाएगा।
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फारूख ने बताया कि शिकरावा में शाहबाज अहमद का जन्म 1995 में हुआ। शाहबाज के पिता अहमद तथा मैं किक्रेट के शौकीन थे। जबकि शाहबाज के दादा ईसाक को कमेंटरी सुनने का शौक था। चार साल की आयु से ही शाहबाज किक्रेट खेलने लगा था। पिता बेटे को इंजीनियर बनाना चाहते थे और फरीदाबाद के एक कालेज में प्रवेश भी दिला दिया। बेहतर पढ़ाई के लिए उन्होंने गांव छोड़ फरीदाबाद में रहना शुरू कर दिया था। लेकिन शाहबाज ने क्रिकेट में अधिक रुचि दिखाई तो शाहबाज को कोलकाता के तपन मेमोरियल क्लब में कोचिंग करा दी गई। जहां पर 2015-16 में हुए क्रिकेट लीग में शाहबाज ने उम्दा प्रदर्शन किया और इस दौरान सौरभ गांगुली व वीवीएस लक्ष्मण की नजर शाहबाज पर पड़ी। जिसके चलते शाहबाज को रणजी ट्राफी व उसके बाद आइपीएल में खेलने का मौका मिला। तीन वर्ष लगातार शाहबाज रायल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम में विराट कोहली के साथ खेले और बेहतरीन प्रदर्शन किया। शाहबाज के चाचा व दादा पैतृक गांव शिकरावा में ही रहते हैं। जबकि माता-पिता हथीन में धीरंकी रोड पर लघु सचिवालय के पास रहते हैं।