
ऊना। प्रदेश सरकार की ओर से 500 व 300 मीटर के दायरे वाले सरकारी स्कूलों की स्कूल क्लस्टर समिति बनाने की कार्यप्रणाली शुरू हो गई है। इसी कड़ी में जिला ऊना में भी शिक्षा विभाग ने जिला के सभी स्कूल प्रधानाचार्यों से दो दिनों में एक कैंपस वाले प्राथमिक व उच्च कक्षाओं वाले स्कूलों की रिपोर्ट मांगी है। ताकि प्रदेश सरकार स्कूल क्लस्टर प्रणाली को आगे बढ़ा सके। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिला ऊना में 776 के करीब सरकारी स्कूल हैं। जिनमें सीनियर सेकेंडरी स्कूल 143, उच्च स्कूल 45, माध्यमिक स्कूल 89, प्राथमिक स्कूल 499 हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार इस पहल को संचालित करने के लिए क्लस्टर के प्रिंसिपल की अध्यक्षता में क्लस्टर समिति नामक एक समिति होगी। इसमें स्कूल क्लस्टर में प्राथमिक/मध्य, उच्च व सीसे विद्यालयों के प्रमुख शामिल होंगे। यह समिति संसाधनों के बंटवारे के संबंध में हुई प्रगति की समीक्षा करने और अपने क्लस्टर को स्कूल क्लस्टर के सर्वोत्तम उदाहरणों में से एक बनाने के लिए कार्य योजना/भविष्य के कदमों का निर्णय लेने के लिए महीने में कम से कम एक बार औपचारिक रूप से बैठक करेगी।
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क्लस्टर समिति एसएमसी के परामर्श से स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) को क्लस्टर स्कूल विकास योजना, वार्षिक शैक्षणिक योजना, गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर तैयार करने में सहायता करेगी। समिति की ओर से प्रतिवर्ष इस योजना की समीक्षा की जाएंगी तथा आवश्यकता के अनुसार उचित परिवर्तन किए जाएंगे। यदि क्लस्टर प्रमुख को ऐसा लगता है तो एसएमसी के सक्रिय सदस्यों को क्लस्टर समिति में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा क्लस्टर स्कूलों की ओर से कई विशिष्ट कदम उठाए जाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से सुझाई गई गतिविधियों को सभी कलस्टर स्कूलों की ओर से अपनाया जाएगा। इसमें स्कूल क्लस्टर की ओर से कंपोजिट स्कूल के लिए कॉमन एसएमसी का गठन किया जाएगा। क्लस्टर स्कूल में एक कैंपस वाले प्राथमिक से 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों के लिए मॉर्निंग असेंबली होगी। इस तरह प्रक्रिया होगी। बता दें कि क्लस्टर स्कूल समिति बनाने को लेकर जिला ऊना में शिक्षा उपनिदेशका के तीनों पद खाली होने से भी समस्या पैदा हो रही थी, लेकिन अब प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र चंदेल की पुन: नियुक्ति होने से इस कार्य को गति मिलेगी। उच्च शिक्षा उपनिदेशक के पद को खाली हुए 6 माह हो चुके हैं तो निरीक्षण विंग के शिक्षा उपनिदेशक का पद 8 माह से रिक्त चल रहा है। उच्च शिक्षा विभाग की अधीक्षक ग्रेड-1 बलविंद्र कौर ने कहा कि शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार जिला के सभी प्रधानाचार्यों को एक कैंपस वाले प्राथमिक/माध्यमिक, उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों की रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट को स्कूल प्रबंधनों को दो दिन के भीतर हर हाल में उपलब्ध करवानी होगी।