
तेलंगाना। सरकारी एंबुलेंस सर्विस के पास एक शराबी रमेश ने कॉल किया. शराबी ने कॉल रिसीव करने वाले कर्मचारी से कहा कि वह एंबुलेंस को जल्द से जल्द भुवनगिरी के एक इलाके में भेज दें, क्योंकि वह बेहोश होने वाला है. इतना कहकर उसने फोन कट कर दिया. शराबी के कॉल को इमरजेंसी अलर्ट समझकर कॉल रिसीव करने वाले कर्मचारी ने तुरंत एक एंबुलेंस फोन पर बताए गए स्थान पर भेज दी.

मौके पर पहुंचने के बाद जब एंबुलेंस कर्मचारी ने दोबारा कॉल किया तो शराबी रमेश उन्हें वहां मिल गया. एंबुलेंस में तैनात मेडिकल स्टाफ ने शराबी से कॉल करने का कारण पूछा. इस पर उसने कहा कि वह भुवनगिरी जिले से जनगांव जिले में उसका घर है और वह वहां तक का सफर कर रहा है. रात ज्यादा हो चुकी है, इसलिए उसे जाने के लिए बस, टैक्सी या दूसरा कोई साधन नहीं मिल रहा है. शराबी ने एंबुलेंस कर्मचारियों के विनती करते हुए कहा कि वे उसे जनगांव तक छोड़ दें, क्योंकि अगर वह और पैदल चला तो बेहोश होकर गिर पड़ेगा.
शराबी की बातें सुनकर एंबुलेंस कर्मियों ने अपना सिर पकड़ लिया और उसे समझाया कि एंबुलेंस सर्विस गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने के लिए होती है. उससे किसी को कहीं पर छोड़ा नहीं जाता है. हालांकि, एंबुलेंस कर्मियों की बात सुनने के बाद भी शराबी एक ही रट लगाता रहा कि उसे जनगांव में उसके घर तक छोड़ दिया जाए. वह अब और पैदल चलने की स्थिति में नहीं है. बता दें कि भुवनगिरी जिले से जनगांव जिले तक की दूरी करीब 44 किलोमीटर है.