कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम को मिला राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण

अयोध्या। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए देश की कई जानी-मानी हस्तियों को आमंत्रित किया जा रहा है। इस कड़ी में अब न्योता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम के पास पहुंचा है। कांग्रेस के दिग्गज नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम को आज राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का आमंत्रण लिया। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। आपको बता दें कि आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है जिन्होंने कांग्रेस के विरोध में भी कई बार बड़े-बड़े बयान दिए है। वही केरजीवाल को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण नहीं मिला है जिसकी वजह से अरविन्द केरजीवाल 22 जनवरी के बाद अपने पूरे परिवार के साथ राम मंदिर दर्शन के लिए जाएंगे।

#WATCH संभल, उत्तर प्रदेश: कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम को अयोध्या राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए निमंत्रण मिला। pic.twitter.com/esb0hRi1Qz
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 17, 2024
कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने लिखा, “प्रभु श्री राम जी की असीम “अनुकम्पा” से आज श्री राम जन्म भूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण देने हेतु जनपद संभल के विभाग प्रचारक आदरणीय श्री अतुल जी अपने सहयोगियों के साथ श्री कल्कि धाम पधारे, श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का आभार और साधुवाद। जय-जय सिया राम।”
गौरतलब है कि एक ओर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर इस वक्त प्रभु श्रीराम की भक्ति में डूबा हुआ है। तो दूसरी ओर इसको लेकर राजनीति भी जमकर की जा रही है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने प्राण प्रतिष्ठा के न्योते को ठुकरा दिया। कांग्रेस ने इसे BJP-RSS का समारोह बताते हुए प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने से इनकार कर दिया, जिसको लेकर न केवल बीजेपी बल्कि खुद कांग्रेस में ही रार छिड़ी हुई है।
कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी के इस फैसले का विरोध किया। इसमें एक नाम कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम का भी शामिल हैं। उन्होंने पार्टी के इस फैसले को दुखद बताया था। प्रमोद कृष्णम ने कहा था कि भगवान राम सबके हैं। कांग्रेस हिंदू विरोधी पार्टी नहीं है। कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंंने इस तरह का फैसला कराने में भूमिका निभाई। इस फैसले से पार्टी के कई कार्यकर्ताओं का दिल टूटा है। निमंत्रण को स्वीकार ना करना बेहद दुखद और पीड़ादायक है।
अयोध्या से संभल पहुंचे कांग्रेस नेता एवं कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष भाजपा से लड़े भगवान राम और अयोध्या से ना लड़े। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व पार्टी के बेतालों से परेशान है। कांग्रेस में कुछ लोगों को राम के नाम से चिढ़ है।
प्रमोद कृष्णम ने अखिलेश यादव को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह उत्सव का दिन है। उन्हें शान-ओ-शौकत से इसे मनाते हुए पापा का प्रायश्चित करना चाहिए। आपको बता दें कि उन्हें भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण आरएसएस एवं विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने आज कल्कि धाम आकर सौंपा है।
बुधवार को शाम 8 बजे संभल के एचौड़ा कम्बोह स्थित कल्कि धाम में प्रेस वार्ता करते हुए कांग्रेस नेता एवं कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिलना सौभाग्य का विषय है। यह हमारे कई जन्मों के पुण्य का फल है। बेहद प्रसन्नता हो रही है। मैं बड़ा भावुक हूं कि भगवान श्रीराम की जन्म भूमि के मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के हम उसके साक्षी बनेंगे।
22 जनवरी भारत के लिए गौरव का उत्सव है, सभी देशवासियों को इसको हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए, उन्होंने कहा कि भगवान राम जब लंका पर विजय प्राप्त करके अयोध्या लौटे थे तब दीपावली मनाई गई थी और एक दिवाली 22 जनवरी को मनाई जाएगी।
प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में कुछ बेताल हैं। उन बेतालों से कांग्रेस नेतृत्व परेशान है, जब बेताल सिर पर बैठता है तो विक्रम की बुद्धि खराब हो जाती है। कांग्रेस पार्टी के भीतर कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्हें राम से ही चिढ़ है और सनातन व हिंदू धर्म से चिढ़ते हैं। यह हमारी पार्टी का आंतरिक मामला है। कांग्रेस पार्टी के अंदर 80% नेता ऐसे हैं, जो भगवान श्रीराम के पथ पर चलना चाहते हैं। भगवान श्रीराम के मंदिर का दर्शन करना चाहते हैं, हमारे बहुत से नेता दो-तीन दिन पहले रामलला के दर्शन करने अयोध्या गए थे। पूरी कांग्रेस पार्टी के अंदर बहुत ज्यादा लोग भगवान राम के मंदिर के दर्शन करने जाएंगे।
आचार्य ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है। धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र होने का मतलब यह नहीं की राम विरोधी राष्ट्र है। भारत के संविधान के प्रथम पृष्ठ पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने जो संविधान हमें दिया, उसके प्रथम पृष्ठ पर राम दरबार का चित्र अंकित है। राम तो सबके हैं, राम के बिना तो भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अखिलेश जी से मैं पूछना चाहता हूं कि 22 जनवरी के बाद में क्या मंदिर की मूर्ति बदल जाएगी? क्या राम जन्मभूमि का ट्रस्ट बदल जाएगा या फिर अयोध्या बदल जाएगी? अगर बाद में हीं जाना है तो पहले चले जाएं यह उत्सव का दिन है। अखिलेश यादव को इसको मानना चाहिए, समाजवादी पार्टी के पास यह एक बहुत सुंदर मौका है। अपने पापों का प्रायश्चित करके अपने तमाम दागों को मिटाने के लिए अखिलेश यादव को जरूर जाना चाहिए।
आचार्य ने कहा कि मंदिर योगी और मोदी का नहीं है। मंदिर तो भगवान राम का है, अगर मोदी की जगह भारत के प्रधानमंत्री कोई ओर होता और ट्रस्ट उन्हें आमंत्रित करता तो उन्हें भी जाना पड़ता। क्या और पार्टियों के लोग नहीं जाते, वर्तमान विपक्षी दलों से कहना चाहता हूं कि आप बीजेपी से लड़ो भगवान राम से नहीं, आप बीजेपी का विरोध करो भगवान राम का नहीं, सनातन धर्म का विरोध नहीं करो। राम सबके हैं राम के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती तो भारत की राजनीति की कल्पना कैसे की जा सकती है।