
वाराणसी। मोबाइल चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा किया है। तीन चोरों और दो किशोरों को पकड़ कर पुलिस ने बताया कि उनके गिरोह का सरगना झारखंड में रहता है। एक शहर से जब 50 या उससे ज्यादा मोबाइल गिरोह चोरी कर लेता है तो उसे झारखंड ले जाया जाता है और वहां से बांग्लादेश पहुंचा दिया जाता है।

रामनगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर भरत उपाध्याय ने बताया कि डोमरी चौराहे से दो किशोर सहित पांच लोग पकड़े गए। पूछताछ में पता चला कि मोबाइल चोरी की घटनाएं गिरोह बनाकर की जा रही थी। गिरोह का सरगना झारखंड का रहने वाला है। उसने बाकायदा सैलरी पर मोबाइल चोरी करने वाले लड़के नियुक्त कर रखे हैं।
सैलरी पाने वाले लड़के अलग-अलग शहरों में बच्चों से मोबाइल चोरी कराते हैं। जब चोरी के 50 से अधिक मोबाइल इकट्ठा हो जाते हैं तो वह उन्हें लेकर झारखंड सरगना के पास जाते हैं। सरगना मोबाइल की खेप को बांग्लादेश भेज देता है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में झारखंड के आसनसोल का विक्रम नोनिया, साहबगंज का शिवा कुमार और पश्चिम बंगाल के वर्धमान का विशाल नोनिया शामिल है। इन तीनों के अलावा दो किशोर हैं। पांचों के पास से छह आईफोन और सात स्मार्ट फोन बरामद हुए हैं।
नोट- खबरों की अपडेट के लिए जनता से रिश्ता पर बने रहे।