
मुंबई: किसी जमाने में जब फोन या डाक सेवाएं नहीं हुआ करती थीं तो एक-दूसरे को संदेश भेजने का जरिया होता था-कबूतर। जी हां फिल्मों में भी हमने कबूतरों को चिट्ठी लेकर जाने के वाकये देखे हैं। लेकिन, मुंबई में कबूतर से जुड़ा ऐसा ही मामला बेहद संगीन है। चीनियों के जासूसी करने के शक में एक कबूतर को पुलिस ने पकड़ा। मुंबई पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी दी कि आठ महीने स्पेशल सेल में रखने के बाद उसे छोड़ दिया गया है।

चीनियों द्वारा जासूसी के लिए इस्तेमाल किए गए एक संदिग्ध कबूतर को आठ महीने बाद छोड़ दिया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। कबूतर को एक पशु चिकित्सालय में रखा गया था। आरसीएफ (राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टलाइज़र) पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि परेल इलाके में स्थित बाई सकरबाई दिनशॉ पेटिट पशु चिकित्सालय ने सोमवार को पुलिस से पक्षी को छोड़ने की अनुमति मांगी थी, जिसके बाद मंगलवार को उसे छोड़ दिया गया।
कबूतर को पिछले साल मई में आरसीएफ पुलिस ने उपनगरीय इलाके चेंबूर में पकड़ा था। पुलिस ने बताया कि पक्षी के पैर में दो छल्ले बंधे थे, जिनमें एक तांबे का और दूसरा एल्यूमीनियम का था। उसके दोनों पंखों के नीचे चीनी जैसी लिपि में कुछ संदेश लिखे थे। पुलिस ने बताया कि आरसीएफ पुलिस ने उस दौरान मामला दर्ज किया था, लेकिन जांच पूरी होने के बाद जासूसी का आरोप हटा लिया गया था।
अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि कबूतर ताइवान में ‘रेसिंग’ में भाग लेता था और ऐसे ही एक कार्यक्रम के दौरान यह उड़ गया और भारत आ गया। उन्होंने कहा कि पुलिस से मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल ने कबूतर को छोड़ दिया। अधिकारी ने बताया कि पक्षी का स्वास्थ्य ठीक है।