जलनिगम की लापरवाही से आठ दिन बंद रहा एसटीपी

कानपूर: जलनिगम की लापरवाही से आठ दिन तक जाजमऊ पांच एमएलडी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद रहा. इससे गंगा मैली होती रहीं. बिजली कटने के बावजूद प्लांट चलाने को जेनरेटर नहीं चलाया गया. उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अधिकारी ने परियोजना प्रबंधक जलनिगम नगरीय पर एक लाख जुर्माना लगाया है. इससे पहले बिनगवां ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर तीन लाख का जुर्माना लग चुका है.
जलनिगम की लापरवाही से बिनगवां 210 एमएलडी, जाजमऊ पांच एमएलडी और पनका ट्रीटमेंट प्लांट का बिजली बिल नहीं जमा हो पा रहा है. करोड़ों का बिल होने के चलते केस्को ने ट्रीटमेंट प्लांट की बिजली काट दी. इससे कई दिनों तक प्लांट ठप रहा. जलनिगम अफसरों ने जेनरेट से प्लांट नहीं चलाया. प्रदूषण बोर्ड के अफसरों ने जब जाजमऊ पांच एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट की जांच की तो 29 अगस्त से पांच सितंबर तक काफी तादात में गंदगी प्लांट से गंगा में गई. आठ दिन तक प्लांट नहीं चला. क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण बोर्ड ने जुर्माने की संस्तुति की थी. इसे मुख्य पर्यावरण अधिकारी ने मंजूर कर जलनिगम नगरीय पर एक लाख का जुर्माना लगाया है.

जाजमऊ गल्ला गोदाम में खुलेआम चमड़ा सुखाने वाले पांचों कारोबारी हाईकोर्ट चले गए है. हाईकोर्ट ने मुख्य पर्यावरण अधिकारी से जवाब मांगा है. इसको लेकर जवाब बनाकर भेजा जा रहा है. जाजमऊ गल्ला गोदाम में पांच से सात कारोबारी खुलेआम खुले में चमड़ा सुखाने और भंडारण का कारोबार करते है. इससे आए दिन चील, कौवे समेत अन्य पक्षी उड़ते है. इससे लड़ाकू जहाजों को खतरा हो गया है. इसके लिए वायुसेना के अफसरों ने सीएम से शिकायत की थी.