
टुंडी: धनबाद में नाबालिग आदिवासी युवती के साथ दुष्कर्म के केस को मैनेज करवाने के नाम पर पैसा लेने वाले डालसा के पारा लीगल वॉलंटियर की कोर्ट परिसर में लोगों के सामने जमकर पिटाई कर दी गई और कपड़े फाड़ दिए गए। पीएलवी की पिटाई और हंगामा देख वहां पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें एक महिला पीएलवी का कॉलर पकड़कर खरी-खोटी सुनाते हुए नजर आ रही है। वीडियो वायरल होने से पूर्वी टुंडी समेत अन्य जगहों पर पीएलवी की चारों तरफ किरकिरी हो रही है।

घटना के संबंध में बताया जाता है कि पूर्वी टुंडी के पिपराटांड़ का रहने वाला डालसा सदस्य श्रीलाल सोरेन ने कुछ महीने पहले दुष्कर्म मामले में जेल जा चुके आरोपियों के परिजन से पीड़िता के साथ समझौता कराने और आरोपियों को जेल से छुड़वाने के नाम पर पांच लाख रुपए लिए हैं। जब परिजनों को लगा कि उसका काम नहीं हो रहा है, तो उन्होंने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। श्रीलाल सोरेन पैसा वापस करने में टाल-मटोल करने लगे तो आरोपियों के परिजनों ने धनबाद कोर्ट परिसर में ही उन्हें धर-दबोचा और उनकी जमकर पिटाई कर दी। हो-हंगामा होते देख लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों के बीच-बचाव के बाद अपने आप को बचाते हुए श्रीलाल सोरेन ने पैसा लौटा देने की बात स्वीकारी और उन्हें भारी बेइज्जती के साथ घर लौटना पड़ा।
विदित हो कि पिछले 22 सितंबर को रुपन पंचायत की एक नाबालिग आदिवासी युवती के साथ लटानी गांव के दो युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसके बाद दोनों युवकों को पुलिस ने जेल भेजा था। आरोपी अब भी जेल में बंद हैं। उक्त घटना के बाद पूरा आदिवासी समाज भड़क उठा था और चारों ओर घटना की निंदा हो रही थी। आरोप है कि उसी केस में पिपराटांड़ गांव के श्रीलाल सोरेन अपने आप को कानूनी सहायता केंद्र व डालसा का सदस्य बताकर आरोपियों के परिजन से पीड़िता का बयान बदलवाने और आरोपियों को जेल से छुड़वाने का आश्वासन देकर लाखों रुपए हजम करने के चक्कर में थे।
डालसा के पीएलवी श्रीलाल सोरेन ने कहा, ‘आरोप गलत है। पीड़िता का बयान कराने की जिम्मेवारी उन्हें दी गई थी। आरोपी पक्ष पीड़िता का बयान अपने पक्ष में कराने का दबाव डाल रहे थे। जब उन्होंने मना किया तो उन पर झूठा आरोप लगा कर उनकी पिटाई कर दी गई।’