
पुरी: नए साल पर देशभर के धार्मिक स्थलों पर लोगों की भीड़ उमड़ी. इस दौरान ओडिशा के पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में भी भक्तों की कतार नजर आई. हालांकि, नए साल पर भीड़ से बचने के लिए मंदिर प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए. इससे भीड़ को काबू करने में काफी मदद मिली. दरअसल, आम तौर पर मंदिर दर्शन के लिए सुबह करीब 5.30 बजे खुलता है. अखंड दीप (मंगल आरती) के बाद भक्तों को मंदिर के जगमोहन (भीतर कथा) तक प्रवेश की अनुमति दी जाती है. लेकिन नए साल (1 जनवरी) पर देर रात 1 बजे ही जगन्नाथ मंदिर के दरवाजे खोल दिए गए.

जिला कलेक्टर समर्थ वर्मा ने बताया कि यह किया गया था कि मंदिर के अनुष्ठान रविवार को समय पर पूरे किए जाएं. इसके बाद रविवार रात 11 बजे दरवाजे बंद कर दिए गए और दो घंटे बाद 1 बजे फिर खोल दिए गए. दरअसल, हर साल 1 जनवरी को लाखों भक्त भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर आते हैं.
जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक रंजन दास ने बताया कि अनुमान के मुताबिक नए साल पर करीब 3-4 लाख श्रद्धालु मंदिर आएंगे. लोगों में उत्साह इसलिए भी है, क्योंकि लोग हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना के कारण मंदिर के पुनर्निर्मित परिवेश को देखना चाहते हैं, जो लगभग पूरा हो चुका है. 17 जनवरी को इसका उद्घाटन किया जाना है.
नए साल पर भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं की थीं. लोगों को पीने के पानी और सार्वजनिक शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. सीसीटीवी कैमरे और सार्वजनिक घोषणा प्रणाली का इंतजाम भी किया गया है. मंदिर के अंदर पान और तंबाकू चबाने वालों पर जुर्माने की व्यवस्था की गई है.
उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में रविवार रात 11 बजे नए साल की पूर्व संध्या पर प्रसिद्ध लता मंगेशकर चौक पर लोगों की भीड़ जुटी. ठीक 12 बजे लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए गए और नए साल का स्वागत किया. लोगों ने यहां सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी अपलोड कीं. बता दें कि यहां प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर के नाम पर चौराहे का नामकरण किया गया है. यह स्थान काफी लोकप्रिय हो रहा है.