
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। प्रताप सिंह बाजवा ने हाल ही में नवोजत सिंह सिद्धू को अपने लिए मंच सजाने से बेहतर पार्टी के लिए काम करने की सलाह दी है। वहीं कुछ नेताओं ने तो उन्हें कांग्रेस से निकालने की सलाह दी है। अंतर्कलह सामने आने के एक दिन बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने विरोधियों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अगर 100 कांग्रेसी भी पार्टी की विचारधारा का प्रचार करने के लिए इकट्ठा होंगे तो वह बहुत खुश होंगे।

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने बठिंडा में पूर्व क्रिकेटर सिद्धू की 17 दिसंबर की रैली का जिक्र करते हुए बुधवार को उनसे खुद का मंच स्थापित करने के बजाय पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए कहा था। राज्य इकाई के पूर्व प्रमुख सिद्धू ने बाजवा के बयान पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
सिद्धू ने गुरुवार को बिना किसी का नाम लिए एक्स पर एक पोस्ट कर इस आरोप का जवाब दिया। उन्होंने लिखा, मुझे बहुत खुशी होगी अगर कांग्रेस की विचारधारा, पंजाब के पुनरुद्धार के एजेंडे का प्रचार करने और वर्तमान सरकार को जन कल्याण के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए किसी गांव या शहर में 100 कांग्रेसी भी इकट्ठा हों। उन्होंने कहा कि इससे हमारी पार्टी मजबूत होगी क्योंकि अधिक से अधिक लोगों के शामिल होने से जमीनी स्तर पर नेतृत्व का निर्माण होगा।
बठिंडा में सिद्धू की रैली करने के कुछ दिन बाद पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी देखी गई। राज्य इकाई का कोई भी वरिष्ठ नेता 17 दिसंबर की रैली का हिस्सा नहीं था। आपको बता दें कि रैली में सिद्धू ने पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी समेत पार्टी के ही कई नेताओं पर तंज कसा था।
रैली पर बाजवा ने कहा था, ‘मैं उनसे इतनी ही अपील करूंगा कि कुछ परिपक्वता दिखाएं। कांग्रेस ने यदि आपको इज्जत दी है तो उसे हजम करना भी सीखो। इस तरह के काम मत करिए। आप प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे और आपके दौर में पार्टी 78 से 18 पर आ गई।’ बाजवा ने कहा कि हम तो सिद्धू को न्योता देते हैं कि वे पार्टी की ओर से आयोजित धरना-प्रदर्शन और कार्यक्रम में आएं। उन्होंने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू को अपना अलग अखाड़ा नहीं जमाना चाहिए।