
वडोदरा: गुजरात में एक ‘खड़ूस बॉस’ की वजह से नौकरी छोड़ने को मजबूर हुए दो कर्मचारियों ने उसकी जिंदगी खराब करने का पूरा इंतजाम कर दिया। हनीट्रैप में फंसाकर तीन महीने तक उसकी नींद उड़ा दी। न्यूड तस्वीरें ऑफिस और उसकी पत्नी समेत कई लोगों को भेज दीं। दुखी होकर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की तो पूरा मामला सामने आया। पूरी कहानी बेहद चौंकाने वाली है।

जिस बॉस (सुनील- बदला हुआ नाम) से कर्मचारी दुखी थे वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी के प्रमोटर हैं। सुनील से परेशान होकर नौकरी छोड़ने वालों में एक महिला कर्मचारी है और एक पुरुष। तीन महीने पहले पूजा और समीर (दोनों बदला हुआ नाम) ने सुनील से बदला लेने के लिए हाथ मिलाया। उन्होंने पुराने बॉस को हनीट्रैप में फंसाकर परेशान करने की योजना बनाई। तीन महीने तक सुनील बेहद परेशान रहे और अंत में दुखी होकर करीब 10 दिन पहले साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आईपी एड्रेस की मदद से पूजा और समीर का पता लगा लिया।
पूजा और समीर ने अपनी योजना के तहत इंस्टाग्राम पर एक फेक फीमेल अकाउंट बनाया। इससे सुनील को फ्रेंड बनाया और चैटिंग की शुरुआत की। लड़की बनकर दोनों उससे बात करते रहे। धीरे-धीरे सुनील से दोस्ती बढ़ाई और फिर उससे अश्लील बातचीत शुरू कर दी। कुछ न्यूड तस्वीरें पॉर्न वेबसाइट से डाउनलोड करके भेज दीं। फिर समीर से भी अपनी न्यूड तस्वीरें दिखाने को कहा। सुनील ने वैसा ही किया और अपनी कुछ न्यूड तस्वीरें भेज दी। इसके बाद उस अकाउंट से बातचीत बंद हो गई।
कुछ दिनों बाद पूजा और समीर ने न्यूड तस्वीरें और सेक्स चैट के स्क्रीनशॉट सुनील को ईमेल किए। यह देखकर सुनील पैनिक हो गए। सितंबर में दोनों ने तस्वीरें और सेक्स चैट का प्रिंट लेकर सुनील के दफ्तर में एचआर डिपार्टमेंट को भेज दिया। वे यहीं नहीं रुके और तस्वीरें सुनील की पत्नी और उसके ऑफिस में भी भेज दीं। गुप्ता उस वक्त और परेशान हो गए जब नवंबर में मॉल में घूमते हुए उनकी तस्वीरें मेल पर भेजकर अहसास दिलाया कि उन पर नजर रखी जा रही है। दोनों गाली और धमकी भरे ईमेल भी उन्हें भेजते रहे। इसके बाद सुनील ने साइबर क्राइम डिपार्टमेंट में शिकायत की। एसीपी (साइबर क्राइम) हार्दिक मकाडिया के मुताबिक दोनों को सीआरपीसी की धारा 41 (ए) के तहत नोटिस भेजा गया था। इस धारा के मुताबिक गिरफ्तारी से पहले नोटिस दिया जाता है। हालांकि, शिकायतकर्ता केस को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।