दिव्या पाहुजा मर्डर केस का मास्टरमाइंड बलराज गिल गिरफ्तार

गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में मॉडल दिव्या पाहुजा मर्डर केस में क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। 10 दिन पहले BMW कार में दिव्या की लाश को लेकर भागने वाला बलराज गिल पश्चिम बंगाल के कोलकाता से डिटेन किया गया है। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम था। विदेश भागने की संभावना के बीच एक दिन पहले ही गुरुग्राम पुलिस ने उसका लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था। पंजाब के मोहाली का रहने वाला बलराज गिल हत्याकांड के मास्टरमाइंड होटल मालिक अभिजीत सिंह का दोस्त है।

गुरुग्राम के ACP क्राइम वरूण दहिया ने बताया कि बलराज गिल को गुरुग्राम लाया जा रहा है। उसके बाद आगामी पूछताछ की जाएगी। हालांकि 10 दिन बाद भी दिव्या पाहुजा की लाश पुलिस को नहीं मिल पाई है। बलराज के साथ डेडबॉडी लेकर फरार हुआ दूसरा आरोपी रवि बंगा अभी फरार है।
इससे पहले पुलिस ने दिव्या हत्याकांड के मास्टरमाइंड होटल मालिक अभिजीत और लाश होटल से बाहर तक ले जाने में मदद करने वाले ओमप्रकाश और हेमराज को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा पुलिस अभिजीत की गर्लफ्रेंड मेघा को भी गिरफ्तार कर चुकी है। मेघा कत्ल के बाद अभिजीत के बुलाने पर गुरुग्राम के होटल सिटी पॉइंट आई थी। मेघा ने ही दिव्या का I-PHONE और पिस्टल के अलावा अन्य अहम सबूत नष्ट करने में अभिजीत की मदद की।
गुरुग्राम पुलिस की जांच के मुताबिक दिव्या के कत्ल के दिन अभिजीत और दिव्या के साथ बलराज गिल भी होटल आया था। वह होटल रिसेप्शन की सीसीटीवी फुटेज में नजर आया था। इसके बाद वह जिस BMW में दिव्या की लाश ले गए, वह पटियाला से बरामद हो चुकी है। पहले पुलिस को पता चला था कि बलराज गिल और रवि बंगा पटियाला से भागकर राजस्थान के उदयपुर गए थे। इससे पहले कि पुलिस वहां रेड करती, आरोपियों को भनक लगने पर वे वहां से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस को बलराज गिल की लोकेशन मिली और उसे पश्चिम बंगाल से धर दबोचा।
पुलिस ने अभिजीत को एक बार फिर से 6 दिन के रिमांड पर लिया हुआ है। मंगलवार को कोर्ट के सामने गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कहा था कि अभिजीत पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। वारदात में प्रयोग किया हथियार और दिव्या का I-Phone को कहा फेंका गया या नष्ट किया गया, इसकी तफ्तीश भी बाकी है।
इसके बाद कोर्ट ने अभिजीत का 6 दिन का रिमांड और मंजूर कर दिया था। अभी तक अभिजीत से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर ही पुलिस टीमें पूरे मामले की जांच में जुटी है। गुरुग्राम के बलदेव नगर की रहने वाली दिव्या पाहुजा (27) होटल सिटी पॉइंट के मालिक अभिजीत के साथ 1 जनवरी को घूमने गई थी। फिर अभिजीत और एक अन्य के साथ 2 जनवरी की सुबह 4:15 बजे वह गुरुग्राम के सिटी पॉइंट होटल वापस पहुंची थी। यहां वे कमरा नंबर-111 में गए।
अभिजीत ने पुलिस को बताया कि दिव्या के पास उसकी कुछ अश्लील तस्वीरें थीं, जिसकी आड़ में वह उसे ब्लैकमेल कर रही है। होटल में दिव्या ने उसे मोबाइल का पासवर्ड नहीं दिया। जिसकी वजह से उसकी फोटो डिलीट करने को बहस हुई। जिसके बाद उसने दिव्या को गोली मार दी। इसके बाद अभिजीत सिंह ने अपने दोस्त बलराज गिल और रवि बांगा को बुलाया। उन्हें 10 लाख रुपए, BMW कार दी और दिव्या की लाश ठिकाने लगाने के लिए सौंप दी। 3 जनवरी को पुलिस ने कार को पंजाब के पटियाला से बरामद कर लिया, लेकिन आज तक दिव्या की लाश और उसके ठिकाने लगाने वाले रवि का पता नहीं चल पाया है।