आवेदकों को प्रमाण पत्र के लिए तीन कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे

हरिद्वार: देरी से आवेदन करने वाले लोगों के लिए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. लोग एसडीएम ऑफिस रोशनाबाद, नगर निगम कार्यालय हरिद्वार और तहसील कार्यालय ज्वालापुर के चक्कर काटकर परेशान हो रहे हैं. बावजूद इसके दो माह से लोगों को नगर निगम से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहे हैं. इस समस्या को लेकर नगर निगम के अधिकारी एसडीएम को पत्र लिख चुके हैं.
दरअसल, एसडीएम अजय वीर सिंह ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के देरी से आवेदन करने वालों के लिए नई प्रक्रिया शुरू की है. नई प्रक्रिया में पहले तो संबंधित व्यक्ति को अपना तहसील कार्यालय से शपथ पत्र बनवाना पड़ रहा है. शपथ पत्र एसडीएम के सामने प्रस्तुत करने के बाद संबंधित व्यक्ति अपने आसपड़ोस के दो

इसके बाद एसडीएम नगर निगम को आख्या प्रस्तुत करने के आदेश जारी कर रहे हैं. आख्या के दौरान नगर निगम के रजिस्ट्रार और निरीक्षक लोगों के घरों पर जाकर जांच कर रहे हैं. जांच के बाद कागज वापस एसडीएम को भेजे जा रहे हैं. इसके बाद एसडीएम हल्का पटवारी को जांच के आदेश जारी कर रहे हैं. इस प्रक्रिया में काफी समय लग रहा है. इस कारण आवेदकों को प्रमाण पत्र के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि शपथ पत्र लगाकर एसडीएम के यहां से जांच के बाद भी नगर निगम के अधिकारियों की जांच की जा रही है. ऐसे में हल्का पटवारी की जांच का कोई औचित्य नहीं बैठता है. इस कारण लोगों का समय बर्बाद हो रहा है. लोगों को अब तहसील के चक्कर भी काटने पड़ रहे हैं.
जिन जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए देरी से आवेदन किया जाता है उनमें उच्च स्तर से मजिस्ट्रेट जांच के बाद जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के आदेश हैं. ऐसे मामलों में मेरे द्वारा संबंधित हल्का लेखपाल से जांच कराई जा रही है. लेखपाल की जांच के बाद ही जन्म और मृत्यु के प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे.
-अजय वीर सिंह, एसडीएम हरिद्वार
कनखल निवासी मोहित अरोड़ा के पिता का देहांत एक साल पहले हो गया था. मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए आवेदन किया था. हालांकि आवेदन करने में देरी हो गई थी. आवेदन किए हुए डेढ़ माह से ज्यादा समय हो गया है. 30 से ज्यादा चक्कर नगर निगम के काट चुके हैं. सभी प्रक्रिया पूरी कर दी है. को लेखपाल की जांच की बात नगर निगम के अधिकारी बता रहे हैं.
मोहल्ला मेहतान निवासी इश्तिहार दिव्यांग हैं. बेटे का जन्म प्रमाण बनवाना है. सभी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं. नगर निगम, एसडीएम कार्यालय और तहसील में चक्कर काटने और कागज पूरे करने में हजारों रुपये खर्च हो चुके हैं. सभी जांच पूरी होने के बाद लेखपाल की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं. दो माह से अधिक समय हो गया है.
नगर निगम के अधिकारियों की जांच गलत है तो नगर निगम से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने बंद कर देने चाहिए. लेखपाल से जांच करानी है तो पूरी प्रक्रिया तहसील को सौंप दी जाए. 20 दिन के काम में दो महीने से अधिक समय लग रहे हैं. जिससे लोग परेशान हो रहे है.
– राजीव भार्गव, पार्षद नगर निगम