रात 9 बजकर 30 मिनट पर राज्यपाल से मिलेंगे JMM विधायक

झारखंड। झारखंड में हाई वोल्टेज ड्रामा के बीच आज रात 9 बजकर 30 मिनट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायक राज्यपाल से मिलेंगे.

सूत्रों के हवाले से खबर है कि CM सोरेन की गिरफ्तारी की आशंका के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों को दूसरी जगह ले जाने की तैयारी की जा रही है. रांची राजभवन में अचानक हलचल तेज देखने को मिल रही है, पुलिस बल तैनात हो गया है. सभी पुलिसकर्मी कतार में खड़े हो गए हैं.
झारखंड में एक ओर मुख्यमंत्री से ईडी की टीम पूछताछ कर रही है, वहीं, सीएम आवास के बाहर अचानक ही हलचल तेज हो गई है। शाम पांच बजे के बाद राज्य के चीफ सेक्रेटरी एल ख्यांगत, डीजीपी अजय कुमार सिंह समेत कई वरीय अधिकारी सीएम आवास पहुंचे और सीधे अंदर चले गये।
इससे पहल दो लग्जरी बसें भी सीएम आवास में पहुंच चुकी हैं। अनुमान वगाया जा रहा है कि ये बसें विधायकों के लिए बुलायी गई हैं। कहा जा रहा है कि किसी भी समय सभी 42 विधायकों की परेड राजभवन में कराई जा सकती है।
इसके लिए बसें बुलायी गई हैं। इतना ही नहीं, सीएम आवास के बाहर छन कर आ रही सूचनाओं की मानें, तो राजभवन से 7.50 बजे का समय मिला है। यहां सभी शाम से ही राजभवन से समय मिलने का इंतजार कर रहे थे।
इधर सीएम आवास के अंदर सभी विधायक जमे हुए हुए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यदि परिस्थिति विपरीत होती या सीएम की गिरफ्तारी की संभावना दिखती है, तो ये विधायक अपना नया नेता चुन सकते हैं। संभवत: इसी के लिए राजभवन से समय भी मांगा गया है।
फिलहाल जो सूचनाएं छन कर आ रही हैं, उसके मुताबिक सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती, इसलिए संभवत: चंपई सोरेन को विधायक दल का नया नेता चुन कर राजभवन में विधायकों की परेड कराई जा सकती है। इधर, मुख्यमंत्री आवास के बाहर हलचल तेज हो गई है।
रांची के डीसी, एसएसपी, आईजी और डीआईजी मुख्यमंत्री आवास के भीतर मौजूद हैं। सीएम हाउस के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। उधर, राजभवन के बाहर भी भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। रांची में लगी धारा 144 की मियाद भी अगले आदेश तक के लिए बढ़ा दी गई है।
बताते चलें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जारी पूछताछ के बीच झामुमो समर्थक भी सीएम हाउस पहुंचने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उन्हें दूर में ही रोक दिया गया। कहा जा रहा है कि यदि मुख्यमंत्री को गिरफ्तार कर लिया जाता है तो सत्तापक्ष के विधायक राजभवन जाएंगे और वहां राज्यपाल को हेमंत सोरेन का इस्तीफा सौंप देंगे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पद के लिए नए नाम के साथ विधायकों का समर्थन पत्र भी राज्यपाल को सौंपा जाएगा और शपथ ग्रहण का समय मांगा जायेगा। इस दौरान राज्यपाल के सामने सत्तापक्ष के विधायकों की परेड भी कराई जायेगी। राज्यपाल से हरी झंडी मिलने के बाद हेमंत सोरेन के उत्तराधिकारी के नाम का भी ऐलान कर दिया जायेगा।