
धर्मशाला। धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला कैंपस निर्माण को लेकर सरकार की ओर से 30 करोड़ जमा न करवाने को लेकर शनिवार को धरने का दसवां दिन रहा। इस दौरान धर्मशाला के प्रबुद्ध नागरिकों ने सरकार का पुतला बनाकर बीमारी की हालत में हॉस्पिटल पहुंचा दिया। धरने के दसवें दिन खिडक़ू, खलूही की महिलाएं व रोटरी क्लब, लायंस क्लब, जनचेतना के पदाधिकारी सहित धरने पर बैठे महिलाओं की ओर से अनोखा प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार को पानी पी पीकर कोसते हुए जोरदार तरीके से नारेबाजी करते हुए 30 करोड़ जमा करो जैसे नारे लगाकर सरकार को जगाने का प्रयास किया। धर्मशाला की जनता ने आज अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। अतुल भारद्वाज ने बताया कि शनिवार को अचानक धरने पर हिमाचल सरकार आ पहुंची तथा लोगों में व्याप्त रोष को देखकर बेहोश हो गई।

हालांकि सरकार ने आंखों के ऊपर काली पट्टी बांधी थी उसके बावजूद भी कोमा में चली गई है। धरने पर बैठे लोगों ने तुरंत सरकार को पानी के छींटे डालकर उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह उठ नहीं पाई, जिसके चलते धरने पर बैठे लोगों ने मानवीय सहायता देते हुए, तुरंत सरकार को एमर्जेंसी में भेज दिया है, जहां से उसे टांडा रैफर कर दिया गया है और टांडा में सरकार को रखा गया है। इस दौरान धरने पर वार्ड पंच सपना, सुरेखा देवी, पुष्पा, कमला, मया देवी, रचना, अनीता हीमा, नीमा, वीना, चरजू, मीमो, आशा वीना, ममता, सुरेखा, सुमन, पवना, ममता , निर्मला, डिंपल, रीता, आशा, लज्या, निशा, रजनी, स्नेहलता, रली, विमला, लक्ष्मी, मकखो, हल्ला, सिमरो, माधवी, रीनू, डॉ हरपाल, एसएस बैंस, वीके शर्मा, सुमन लूथरा, विजय जैकारिया, तेज सिंह, संतोष कटोच, डा. अंजन, सोमदत्त, गगन व शशि नरवाना आदि मौजूद रहे।